
पलायन कर गांव जा रहे लोग रोते हुए बोले -प्लीज साहब हमें घर जाने दूं, बच्चे भूखे प्यासे हैं
ग्वालियर। लॉक डाउन में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही तो थमी है,लेकिन पिछले 24 घंटे से इन रास्तों पर हजारों लोग की भीड़ ग्वालियर के नाकों पर जमा हो रही है। सभी रोज कमाने खाने वाले थे लेकिन काम नहीं होने के चलते उन्हें अपने गांव जाना पड़ रहा है। छोटे बच्चों और जरुरत का सामान कंधो पर लादकर आ रही भीड के हुजूम रट लगाए था कि जल्दी घर पहुंचा दो बच्चे भूखे हैं। दिल्ली में रोजी रोटी का इंतजाम नहीं था इसलिए जिदंगी दांव पर लगाकर निकल आए हैं।
इन लोगों को पुलिस ने पुरानी छावनी, बरेठा, सिरोल और मोहना हाइवे पर रोक कर उनके इलाकों के हिसाब से छांटा और बसों का इंतजाम कर मुकाम तक पहुंचाया। इस दौरान कई परिवारों ने रोते बिलखते बताया कि वह भूखे हैं। बच्चो ने भी कुछ नहीं खाया है रास्ते में हैंडपंप मिले थे वहां मासूमों को पानी पिलाकर उनका पेट भरने की कोशिस की है।
क्या करे समझ में नहीं आया
मउरानीपुर निवासी विजय अहिरवार ने बताया कि पिछले करीब चार साल से दिल्ली में रेस्टोरेंट में नौकर था। कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन हो गया तो लोगों ने तय किया कि यहां भूखे रहने तो अच्छा है कि अपने गांव चलो। सब निकल पडे तो वह भी परिवार के साथ चला आया। छतरपुर निवासी राजाराम गुप्ता की दलील भी यही थी। पुरानी छावनी पुलिस ने बताया कि सुबह निरावली चेकिंग प्वाइंट पर लोगों का हुजूम था। भीड ट्र्क, बस जिस वाहन में जगह मिल रही थी उस पर महिलाओं बच्चों के साथ लदे थे। इन लोगो ंको नाके पर रोका गया। उन्हें गांव, षहर और कस्बों के हिसाब से छांटा गया। फिर परिवहन विभाग से संपर्क कर बसों को बुलाकर रवाना किया।
ढाबा खुलवा कर खाना बनवाया
सिरोल टीआई केपी यादव ने बताया हाइवे पर हजारों लोगों की भीड थी। कई परिवार बच्चों की भूख से परेशान थे, उन्हें गांव तक पहुंचाने का इंतजाम किया गया। कई लोगों ने कहा कि बच्चे भूखे हैं उन्हें दो रोटी खिलवा दो। बेवस लोगों की हालात देखकर ढाबे पर जितना हो सकता था रोटी सब्जी बनवा कर लोगों को खिलवा कर रवाना किया। मोहना पर भी पुलिस ने परेशान लोगों को घर पहुंचाने के साथ उनके खाने पीने का इंतजाम किया।
Updated on:
30 Mar 2020 09:57 am
Published on:
30 Mar 2020 09:30 am
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
