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ग्वालियर. अधिकमास के सन्नाटे को चीरते हुए आखिरकार 19 जून से शहर में शहनाइयां गूंजने को तैयार है। घरों में तोरण सज रहे हैं और दिलों में चाव है, लेकिन इस बार शादी की खुशियों के बीच 'महंगाई डायन' ने बिन बुलाए मेहमान की तरह ऐसी एंट्री मारी है कि अच्छे-अच्छों के पसीने छूट रहे हैं। दूल्हा-दुल्हन के सात फेरों से लेकर मैरिज गार्डन, डीजे, बैंड और दावतों के स्वाद तक, हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। सहालग वाले परिवारों की जेब पर सीधा 15 से 20 फीसदी का अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है, जिससे एक औसत शादी का बजट सीधे 2 से 3 लाख रुपए तक तडक़ गया है।
मसाले, सब्जियां और कुकिंग ऑयल तो पहले ही आग उगल रहे थे, रही-सही कसर कमर्शियल गैस सिलेंडरों ने पूरी कर दी। कैटरर्स खुशी विकास जैन के मुताबिक, जनवरी में जो 19 किलो का सिलेंडर 1919 रुपए का था, वह अब 3338.50 रुपए का हो चुका है। यानी सीधे 1419.50 रुपए की छलांग! एक शादी में औसतन 50 सिलेंडर खपते हैं, जिसका मतलब है अकेले गैस पर 71 हजार रुपए का एक्स्ट्रा झटका। नतीजा? 500 से 1500 रुपए वाली वेज प्लेट में 250 रुपए का इजाफा हो गया है। बजट संभालने के लिए लोगों ने मीनू से शाही शौक घटा दिए हैं, जहां पहले 50 आइटम परोसे जाते थे, वहां अब 25-30 पकवानों से ही काम चलाया जा रहा है।
आजकल शादियों में सिर्फ फोटो नहीं खिंचतीं, बाकायदा सिनेमैटिक ब्लॉकबस्टर बनती है। ड्रोन, क्रेन और कैंडिड फोटोग्राफी के इस दौर में एक अच्छे फोटोग्राफर का पैकेज 1 से 3 लाख रुपए के बीच है। वेडिंग फोटोग्राफर राम माहेश्वरी रम्मू बताते हैं कि इस भारी-भरकम पैकेज पर सीधे 30 हजार रुपए की अतिरिक्त मार पड़ी है। आलम यह है कि महंगाई से त्रस्त लोग अब चार कैमरों के तामझाम को समेटकर सिर्फ दो कैमरों से ही 'यादें' संजोने को मजबूर हैं।
डीजल-पेट्रोल की आग और लेबर कॉस्ट ने वेन्यू का गणित भी बिगाड़ दिया है। ग्वालियर मैरिज गार्डन एसोसिएशन के सचिव रामकुमार सिकरवार ने बताया, शहर के करीब 450 गार्डन्स की बुकिंग दरों में 10 फीसदी तक की तेजी आ चुकी है, जहां किराया 50 हजार से 2 लाख रुपए तक है। वहीं इवेंट मैनेजर विकास अंतरीवाले के अनुसार, कच्चे माल की किल्लत से स्टेज और एंट्री का खर्च 2 लाख से बढकऱ 2.40 लाख हो गया है। जो डीजे पहले 35 हजार में धूम मचाता था, वह अब 50 हजार के पार जाकर ही बेस छोड़ रहा है।
जिंदगी के सबसे खास दिन पर सबसे हसीन दिखने की चाहत भी अब महंगी हो चली है। कपड़ा कारोबारी मुकुंद माहेश्वरी के मुताबिक, पार्टी वियर और कॉटन बेस्ड कपड़ों में 15 फीसदी की तेजी है। जो दुल्हन का लहंगा कल तक 25 से 40 हजार में ठाट जमाता था, उसकी शुरुआत ही अब 45 हजार से हो रही है। 5 हजार वाली पारंपरिक बनारसी साड़ी के लिए अब 7 से 8 हजार रुपए ढीले करने पड़ रहे हैं। रेडीमेड का क्रेज घटा है और कस्टमाइज्ड कपड़ों की डिमांड बढ़ी है, लेकिन बजट की कैंची ने यहां भी पैर पसारने पर मजबूर कर दिया है।
Updated on:
18 Jun 2026 05:43 pm
Published on:
18 Jun 2026 05:42 pm
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