25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ग्वालियर शहर के गड्ढे और बिगड़ी लाइफस्टाइल बनी दुश्मन, 20 साल के युवा भी जूझ रहे कमर-घुटने के दर्द से

शहर की जर्जर सड़कें और गड्ढे अब सिर्फ सफर को मुश्किल नहीं बना रहे, बल्कि लोगों की सेहत पर भी सीधा और गहरा असर डालना शुरू कर चुके हैं। रोजाना दोपहिया वाहनों से इन गड्ढों से होकर गुजरने वाले लोग कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी के दर्द से जूझ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जो बीमारियां अब तक 50 वर्ष की उम्र के बाद लोगों को अपनी चपेट में लेती थीं, वे अब 20 से 22 साल के युवाओं में तेजी से फैल रही हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Rahul Thakur

•

Updated: 18 Jun 2026, 5:56 PM IST

lifestyle

back and knee pain

ग्वालियर. शहर की जर्जर सड़कें और गड्ढे अब सिर्फ सफर को मुश्किल नहीं बना रहे, बल्कि लोगों की सेहत पर भी सीधा और गहरा असर डालना शुरू कर चुके हैं। रोजाना दोपहिया वाहनों से इन गड्ढों से होकर गुजरने वाले लोग कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी के दर्द से जूझ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जो बीमारियां अब तक 50 वर्ष की उम्र के बाद लोगों को अपनी चपेट में लेती थीं, वे अब 20 से 22 साल के युवाओं में तेजी से फैल रही हैं। इसका मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल, ऑफिस में घंटों तक लगातार बैठकर काम करना और धूप से दूरी बनाकर रखने के कारण शरीर में हो रही विटामिन-डी की भारी कमी है। इन समस्याओं से परेशान होकर अब लोग एलोपैथिक दवाओं की जगह आयुर्वेदिक पंचकर्म थैरेपी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे आयुर्वेद चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक तेजी से बढ़ गई है। आयुर्वेद अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, बीते एक महीने में ही कमर दर्द, मांसपेशियों में ङ्क्षखचाव और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में 50 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। वर्तमान में पंचकर्म कराने के लिए हर दिन 110 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 80 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें मांसपेशियों में ङ्क्षखचाव, हाथ-पैर और घुटनों में गंभीर दर्द की शिकायत है। जबकि एक महीने पहले तक यह संख्या महज 50 से 55 के आसपास हुआ करती थी।

एक्सपर्ट व्यू
धूप से दूरी, निष्क्रिय जीवन दर्द की मुख्य वजहें
इन दिनों पंचकर्म कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसका सबसे बड़ा कारण शहर की जर्जर सड़कें हैं, जिन पर रोजाना सफर करने से रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, युवाओं में धूप से दूरी बनाने और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण विटामिन-डी की भारी कमी हो रही है। इसी के चलते अब कम उम्र के युवा भी मांसपेशियों और जोड़ों के गंभीर दर्द से जूझ रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव, पंचकर्म विशेषज्ञ, आयुर्वेद कॉलेज, ग्वालियर