17 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों की सॉफ्ट तस्वीरें इंटरनेट पर क्राइम: मस्ती पड़ेगी भारी, न कोई दलील चलेगी न पैरवी, सीधे जेल की तैयारी

अगर आप अपने बच्चों या रिश्तेदारों के छोटे बच्चों की नहाते समय, बिना कपड़ों के या किसी भी संवेदनशील स्थिति की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर मस्ती, लाड़-प्यार या यादों के तौर ...

2 min read
Google source verification
gwalior crime

gwalior crime

ग्वालियर. अगर आप अपने बच्चों या रिश्तेदारों के छोटे बच्चों की नहाते समय, बिना कपड़ों के या किसी भी संवेदनशील स्थिति की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर मस्ती, लाड़-प्यार या यादों के तौर पर साझा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। अब इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी ऐसी सामग्री पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी है। अनजाने में भी ऐसी तस्वीरों या वीडियो को अपलोड अथवा फॉरवर्ड करना आपको कानूनी मुश्किलों में डाल सकता है।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता और रिश्तेदार अक्सर मासूमियत में बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं, लेकिन बिना कपड़ों वाली कोई भी तस्वीर या वीडियो चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लोइटेटिव एंड एब्यूज मटेरियल (सीएसईएम) की श्रेणी में आ सकता है। ऐसी सामग्री अपलोड होने के बाद उसे डिलीट कर देने से भी राहत नहीं मिलती, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड होते ही उसका डिजिटल रिकॉर्ड और लॉग तैयार हो जाता है। इसी तरह के एक मामले में ग्वालियर जोनल साइबर पुलिस ने टीकमगढ़ निवासी एक युवक के खिलाफ साइबर टिपलाइन की रिपोर्ट के आधार पर एफआइआर दर्ज की है।

18 महीने में 15 लोगों पर कार्रवाई

स्टेट साइबर सेल ग्वालियर के डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर बच्चों से संबंधित अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड पोर्टल से मिलने वाले संवेदनशील इनपुट के आधार पर साइबर पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है। पिछले करीब 18 महीनों में इस तरह के मामलों में 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जा चुके हैं।

बिना सोचे-समझे वीडियो अपलोड किया, मामला दर्ज

राज्य साइबर सेल के अनुसार, टीकमगढ़ के काकावनी गांव निवासी रामेश्वर तिवारी ने स्नैपचैट पर अपने अकाउंट से एक नाबालिग बच्चे का बिना कपड़ों वाला वीडियो अपलोड किया था। इस गतिविधि को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड सिस्टम ने चिन्हित कर लिया। जांच में सामने आया कि संबंधित स्नैपचैट अकाउंट एक मोबाइल नंबर से संचालित हो रहा था, जो रामेश्वर तिवारी के नाम पर पंजीकृत है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो पहले उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर आया था, जिसे उसने डाउनलोड कर दोबारा अपलोड कर दिया। हालांकि, बिना सोचे-समझे की गई यह हरकत उसे कानूनी कार्रवाई के दायरे में ले आई।

साइबर अलर्ट

  • बच्चों की बिना कपड़ों वाली तस्वीरें या वीडियो अपलोड न करें।
  • किसी भी संदिग्ध फोटो या वीडियो को फॉरवर्ड करने से बचें।
  • अनजान स्रोत से मिले कंटेंट को डाउनलोड कर दोबारा पोस्ट न करें।
  • अपलोड के बाद डिलीट करने से भी कानूनी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।

बड़ी खबरें

View All

ग्वालियर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग