
birth certificate
ग्वालियर। जन्म के कुछ समय बाद तक अगर बच्चे या बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवा सकें तो चिंता न करें। यह महत्वपूर्ण दस्तावेज बाद में भी बनवा सकते हैं। एक निश्चित समय सीमा में जन्म मृत्यु पंजीयन कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। अगर समय पर आवेदन न कर सकें तो फिर अगले दो वर्ष में भी आवेदन बनवाया जा सकता है। इसके लिए सक्षम अधिकारी से अपर्याप्तता प्रमाणपत्र बनवाना आवश्यक है। इसके लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
क्यों है आवश्यक
-स्कूल में प्रवेश के लिए, आधार कार्ड बनवाने के लिए, बीमा या अन्य शासकीय योजनाओं में लाभ लेने के लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
-पासपोर्ट बनवाने के लिए अन्य दस्तावेजों के अलावा जन्मप्रमाण पत्र की कॉपी न हो तो आवेदन निरस्त कर दिया जाता है।
क्या है अपर्याप्तता प्रमाण पत्र
- जन्म के समय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन न किए जाने पर अपर्याप्तता प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य है।
- अपर्याप्तता प्रमाणपत्र यह प्रमाणित करता है कि संबंधित का जन्म उसी क्षेत्र में हुआ है।
- यह प्रक्रिया पूरी तरह से निश्ुाल्क है, अगर कोई पैसे मांगे तो उसकी शिकायत करें।
- एसडीएम कार्यालय में आवेदन करने के बाद तीस से सात दिन में अपर्याप्तता प्रमाणपत्र बनता है।
यह है जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया
-नगरीय क्षेत्र में जन्म मृत्यु पंजीयन कार्यालय में आवेदन जमा किया जा सकता है।
-ग्राम पंचायतों में पंचायत कार्यालय या जनमित्र केन्द्र पर आवेदन जमा किया जा सकता है।
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया सरल
अमित शिरोमणि, प्रबंधक-लोकसेवा का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया सरल है, हॉस्पिटल में अगर जन्म हुआ है तो सीधे अप्लाई भी किया जा सकता है। अगर समय से अप्लाई न कर पाएं तो नगरीय निकाय या पंचायत में जन्म मृत्यु पंजीयन कार्यालय पर आवेदन कर सकते हैं। ज्यादा समय बीत जाए तो सक्षम अधिकारी से अपर्याप्तता प्रमाणपत्र बनवाने के बाद ही आवेदन स्वीकार होगा।
Published on:
29 Nov 2022 05:55 pm
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