12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: वारंट तो कई बार निकलते हैं, निर्दोष हैं मेरे लाल सिंह: नंदकुमार सिंह चौहान

चौहान ने कहा कि जब एक अदालत आर्य को बरी कर चुकी है और दूसरी अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है तो क्या हुआ? वारंट तो कई बार निकलते हैं।

2 min read
Google source verification
lal singh arya

ग्वालियर। कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में घिरे मंत्री लाल सिंह आर्य के बचाव में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने सोमवार को फिर न्यायिक प्रक्रिया को चुनौती देता बयान दे डाला। चौहान ने कहा कि जब एक अदालत आर्य को बरी कर चुकी है और दूसरी अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है तो क्या हुआ? वारंट तो कई बार निकलते हैं। चौहान बोले, मेरे लाल सिंह तो निर्दोष हैं। इससे पहले चौहान ने शुक्रवार को कहा था, वारंट से क्या होता है? जब तक जमानत न हो जाए, वे सामने न आएं।


चौहान ने यहां मीडिया से चर्चा में कहा कि केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तब जाटव हत्याकांड में सीबीआई ने जांच की थी। सीबीआई को लाल सिंह के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिले थे। इसलिए उन्हें प्रकरण से अलग कर दिया गया था। आर्य को लेकर कांग्रेस के हमलों पर उन्होंने कहा कि वे तो कुछ भी कह सकते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि उनके शासन काल में ही मामले की जांच सीबीआई ने की। उन्होंने कहा कि यदि आर्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं तो हम अग्रिम जमानत के लिए फिर आवेदन प्रस्तुत करेंगे।


हाईकोर्ट में १८ को सुनवाई

माखनलाल जाटव की हत्या के मामले में लाल सिंह आर्य के आवेदन पर उच्च न्यायालय में १८ दिसंबर को सुनवाई होगी। यह निर्देश न्यायालय ने तब दिए जब सीबीआई द्वारा न्यायालय में कहा गया कि प्रकरण की सुनवाई के क्षेत्राधिकार को लेकर इंदौर में प्रकरण लंबित है। लाल सिंह द्वारा प्रकरण के क्षेत्राधिकार को लेकर याचिका लगाई गई है। इसमें कहा गया है कि प्रकरण की सुनवाई इंदौर सीबीआई कोर्ट में हो। वहीं सीबीआई द्वारा कहा गया था कि आरोपियों के आवेदन पर यह प्रकरण इंदौर से ग्वालियर स्थानांतरित किया गया था।


गिरफ्तारी के लिए टीम फिर भोपाल रवाना
भिण्ड. आर्य के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट तामील करने के लिए सोमवार को गोहद एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना ने उप निरीक्षक अंबर सिंह सिकरवार के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम को भोपाल रवाना किया। इससे पूर्व पुलिस दल आर्य के ग्वालियर और गोहद स्थित आवास पर दबिश दे चुकी है। हालांकि, पुलिस अब तक आर्य का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने उम्मीद जताई है कि पुलिस १९ दिसंबर तक आर्य को गिरफ्तार करने में सफल हो जाएगी।


बहनों का अपमान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान मेरी उन सब बहनों का अपमान है, जो आंगनबाड़ी में कार्य कर समाज के एक बड़े तबके की सेवा कर रही हैं। सत्ता के मद में चूर भाजपा नेता नारी शक्ति के सम्मान की हमारी संस्कृति और परंपरा भूल गए हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस सांसद