- ज़्यादातर हादसे रात में हुए हैं। रात के वक्त 13 और घातक एक्सीडेंट हुए हैं, जबकि शाम को गाड़ियों के टकराने के 10 मामले सामने आए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात के वक्त सड़कों पर पुलिस की निगरानी कम होती है, इसलिए लोग तेज़ रफ़्तार और नशे में गाड़ियां चलाते हैं, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है।छह ब्लैक स्पॉट, एक घटाजिले में छह रास्तों को ब्लैक स्पॉट के दायरे में रखा गया है। इनमें सिकरौदा तिराहा (सिरोल), जौरासी घाटी (बिलौआ), सिमरिया टेकरी (डबरा), कल्याणी तिराहा (आतंरी) अर्रु तिराहा (डबरा) और बिलौआ तिराहा को रखा गया है। इस गिनती से पिछले साल पुरानी छावनी के आनंदपुर ट्रस्ट के सामने को हटाया गया है।ब्लैक स्पॉट की परिभाषा