
Interruption in marriage
ग्वालियर। शादी में मुलाकात हुई तो साथ रहने के सपने सजा लिए। घरवाले राजी नहीं हुए तो लव मैरिज करके घर बसा लिया। एक साल बाद बेटे का जन्म हुआ लेकिन शादी 3 साल तक भी नहीं टिक पाई। घर में झगड़े शुरू हो गए। विवाद बढ़ा तो मामला थाने तक पहुंच गया। लडक़े का कहना था पत्नी उसकी विकलांग मां की सेवा नहीं करना चाहती। इसलिए झगड़ा करती है जबकि लडक़ी का आरोप है बिना वजह उसकी मारपीट करते हैं। मामला थाने में नहीं सुलटा तो अब आलंबन सेल पर आया है।
पुलिस के मुताबिक नाका चन्द्रवदनी निवासी लडक़ा रेलवे में कार्यरत है। रिश्तेदार की शादी में दोनों की मुलाकात हुई। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। फोन पर बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने तय किया शादी कर लेनी चाहिए। उन्होंने 2015 को सम्मेलन में शादी भी कर ली हालांकि लडक़े के घरवाले शादी से नाखुश थे। शादी के बाद उन्होंने लडक़ी को अपना लिया। सब कुछ ठीक चल रहा था। इसी दौरान बेटे का भी जन्म हो गया। इस तरह 3 साल बीत गए। लेकिन घरेलू कामों को लेकर घर में झगड़े होने लगे।
बात इतनी ज्यादा बढ़ गई तलाक की नौबत आ गई। मामला महिला थाने पहुंचा। दो बार उनकी काउंसिलिंग हुई। फिर भी दोनों पक्ष राजी नहीं हुए। लडक़े का कहना था उसकी मां विकलांग है। पत्नी उनकी सेवा नहीं करना चाहती। पिता की जगह उसे अनुकंपा नौकरी मिली है।
अगर वही उनका भरण पोषण नहीं करेगा तो कौन करेगा। उधर लडक़ी का कहना है कि ससुरालवाले उसे तंग करते है। छोटी-छोटी बातों पर उसे परेशान किया जाता है। थाने में मामला नही सुलटा तो अब आलंबन सेल को मामला सुलटाने की जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार को काउसंलर टीम ने दोनों पक्षों को बात सुनी। दोनोंं को ही समझाया लेकिन दोनों ही अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए है।
घरवालों को हिदायत
आलंबन सेल पर मामला सामने आया तो मालूम चला लडक़ी के घरवालो ंका हस्तक्षेप ज्यादा है। इस पर काउंसलर टीम ने उन्हें समझाया वह बेटी का घर बसाना चाहते है या उजाडऩा। उनसे कहा पति-पत्नी के मामलों मे ज्यादा हस्तक्षेप न करें। उधर लडक़े के परिजनो ंको भी समझाया। अब 12 फरवरी को उनकी दोबारा सुनवाई होगी।
Published on:
31 Jan 2019 05:11 pm
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