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सीधे और टेढ़े सींग के बीच फंसा था भैंस का बीमा, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

टेढ़े सींग वाली भैंस का बीमा हुआ, पर मौत के समय सींग सीधे होने पर बीमा कंपनी ने मुआवजा देने से इंकार कर दिया। फिर कोर्ट ने फरियादी के पक्ष में दिया फैसला।

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सीधे और टेढ़े सींग के बीच फंसा था भैंस का बीमा, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला उपभोक्ता फोरम में बुधवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक भैंस की मौत के बाद उसके गोल और सीधे सींगों को लेकर बीमा कंपनी और उपभोक्ता के बीच बने विवाद को फोरम ने बड़ी सूझबूझ के सुलझाया है। बता दें कि, इस मामले में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए उपभोक्ता को बीमा राशि देने के पक्ष में फैसला सुनाया है।

भैंस के सींग पर उलझा ये अजीबोगरीब मामला जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सोजना के तिघरा गांव का है, जहां रहने वाले फेजउद्दीन ने बीमा कंपनी से 18 अक्टूबर 2015 से 17 अक्टूबर 2021 के बीच अपनी एक भैंस का बीमा कराया था। बीमा के तहत मिलने वाली राशि 1 लाख 30 हजार रुपए सुनिश्चित थी। लेकिन, 25 मई 2021 को उसकी भैंस बीमार हो गई, जिसके चलते 29 मई 2021 को भैंस की मौत हो गई। इसके बाद फेजउद्दीन भैंस का बीमा क्लेम करते हुए कंपनी से मुआवजा लेने पहुंचा तो कंपनी ये कहते हुए बीमा राशि देने से इंकार कर दिया कि, जिस भैंस का बीमा किया था, उसके सींग घूमे हुए थे लेकिन, जिस भैंस की मौत हुई है, उसके सींग सीधे थे।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट में रखे ये तर्क

बीमा कंपनी से मुआवजा न मिलने पर फरियादी फेजउद्दीन ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जितेंद्र जैन ने फोरम में बताया कि, 7-8 महीनों के बीच भैंस के सींग काटे जाते हैं। ऐसा न करने पर सींग भैंस को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। वकील ने फोरम में मृत भैंस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उस दौरान ली गई तस्वीरें और मृत भैंस पर बीमा कंपनी की ओर से लगाए गए टैग की जानकारी दी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने ये भी कहा कि, बीमा कंपनी के जानवर में लगाए गए टैग कोई नहीं बदल सकता।

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कोर्ट ने सुनाया फैसला

ऐसे में कोर्ट ने बीमा कंपनी को इंश्योरेंस राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। इसी के साथ आयोग की ओर से बीमा कंपनी को 45 दिन के भीतर 6 फीसदी ब्याज के साथ राशि देने का आदेश दिया है। साथ ही साथ अलग-अलग मद में 4 हजार रुपए देने का भी आदेश दिया है।