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48 घंटे में बारिश के आसार, 9 लाख हेक्टेयर भूमि में खड़ी फसल, पांच लाख किसानों की चिंता बढ़ी

खेतों में सुनहरी होती फसलें। उनके ऊपर घिरते काले बादल। ग्वालियर-चंबल संभाग में यही तस्वीर किसानों की धडक़न बढ़ा रही है। मौसम को प्रभावित करने वाले तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय हो गए हैं। इससे मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 18 से […]

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खेतों में सुनहरी होती फसलें। उनके ऊपर घिरते काले बादल। ग्वालियर-चंबल संभाग में यही तस्वीर किसानों की धडक़न बढ़ा रही है। मौसम को प्रभावित करने वाले तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय हो गए हैं। इससे मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 18 से 19 फरवरी के बीच बारिश की संभावना बताई गई है। संभाग के 6 जिलों में लगभग 9 लाख हेक्टेयर भूमि पर चना, सरसों और गेहूं की फसल खड़ी है। करीब पांच लाख किसान इन खेतों से उम्मीदें जोड़े बैठे हैं। फसल इस समय दाने भरने और पकने की अहम अवस्था में है। ऐसे में यदि हल्की बारिश होती है तो राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवा या ओलावृष्टि हुई तो नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौर में तेज झोंके फसल गिरा सकते हैं और ओले गुणवत्ता प्रभावित कर सकते हैं।

ये सिस्टम है सक्रिय, इस कारण आ सकता है बदलाव

- पश्चिमी विक्षोभ मध्य पाकिस्तान व पंजाब के ऊपर सक्रिय है। राजस्थान, पंजाब व हरियाणा में दो अलग-अलग चक्रवातीय घेरा बने हुए हैं। ये पश्चिमी से पूर्व की ओर बढ़ रही है। इन सिस्टम को अरब सागर से नमी मिल रही है।

- तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय होने से इनका प्रभाव ग्वालियर चंबल संभाग के ऊपर दिख रहा है। कहीं तेज हवा, गरज चकम के साथ बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी सिस्टम का प्रभाव रहेगा।

1117 किसानों का हो चुका है नुकसान

- फरवरी के पहले सप्ताह में ग्वालियर के भितरवार में 11 गांव में ओलावृष्टि हुई थी। इस वजह से 1117 किसानों का नुकसान हुआ था। इनका 2 करोड़ 63 लाख मुआवजा हुआ है।

- एक बार फिर वैसी स्थिति बन रही है। कम ऊंचाई वाले बादल बनते हैं तो ओलावृष्टि हो सकती है। गेहूं में किसानों ने सिंचाई कर दी है। बालियां निकलने से पौधा भारी हो गया है। हवा चलती है तो ये खेत में लेट सकता है। जिससे उत्पादन प्रभावित होगा।

एक्सपर्ट

- 18 फरवरी को राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरों की वजह से ग्वालियर चंबल संभाग, बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। 19 फरवरी से इसमें कमी आएगी।

दिव्या ई सुरेंद्रन, मौसम वैज्ञानिक