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बुंदेलखंड एक्सप्रेस में मिला लावारिस बैग,ट्रेन में मची ऐसी हड़कंप

रेलवे की स्टाफ की लेतलाली से यात्रियों की यात्रा जोखिम भरी साबित हो रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है
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ग्वालियर

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monu sahu

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Updated: 3 Oct 2017, 9:59 PM IST

bag

bundelkhand express found unclaimed bag

ग्वालियर। रेलवे की स्टाफ की लेतलाली से यात्रियों की यात्रा जोखिम भरी साबित हो रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है उस लावारिस बैग जो बुंदेलखंड एक्सप्रेस में 12 घंटे तक रखा रहा और न तो आरपीएफ को पता चला न ही जीआरपी को भनक लगी। इलाहाबाद से दतिया तक के सफर में वह हरे रंग का बैग यूं ही सीट के नीचे पड़ा रहा। लावारिस होने की सूचना मिलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी तब मिली जब झांसी नियंत्रण कक्ष से सूचना आई कि कोच में एक लावारिस बैग पड़ा है।

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दतिया में आरपीएफ ने उसे उठाया । वाराणसी से चलकर ग्वालियर की ओर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस जैसे ही झांसी से दतिया की ओर रवाना हुई कि आरपीएफ स्टाफ कोच नंबर एस-1 में पहुंचा।उन्होंने सीट नंबर 13 के बारे में बताया कि उस सीट पर लावारिस बैग पड़ा है।देखा तो पाया कि सीट के नीचे हल्के हरे रंग का एक पहिए वाला बैग रखा हुआ है। आसपास के यात्रियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि बैग हममे से किसी का नहीं है।

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यात्रियों ने बताया कि उक्त बैग इलाहाबाद से ही लावारिस हालात में पड़ा हुआ है। इससे वे भारी तनाव में रहे। गाड़ी जैसे ही दतिया स्टेशन पर पहुंची कि आरपीएफ के इंदल सिंह यादव व अजय सिंह भदौरिया ने तत्काल उसे अपने कब्जे में कर स्टेशन मास्टर के चेंबर में ले गए। चार लोगों की मौजूदगी में उक्त बैग को खोला गया। हालांकि बैग में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं निकली। बल्कि उसमें छात्र अनूप के कपड़े,नमकीन व बिस्किट,दाल,चावल आदि निकले।

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स्टेशन पर भी लग गया आधा घंटा
सूचना मिलने पर इंदल सिंह व अजय सिंह ने बैग को कब्जे में तो कर लिया पर यहां भी लापरवाही का नजारा देखा गया। स्टाफ के दोनों लोग स्टेशन मास्टर के चेंबर में लेकर बैठे रहे पर आरपीएफ चौकी प्रभारी छविराम फिर भी बैग को देखने नहीं पहुंच सके। मजबूरी में इंदल सिंह व अजय सिंह को ही अपनी जिम्मेदारी पर बैग खोलना पड़ा। बैग में पाया कि छात्र अनूप के पिता का विजिटिंग कार्ड भी था। उससे पता चला कि भूल से बैग कोच में रह गया है। बैग में पांच,दो व एक-एक रुपए के सिक्के थे। खास बात यह रही कि अगर बैग में आपत्तिजनक कई सामग्री होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।