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15वे वित्त से आवंटित 28 करोड़ की राशि निगम से छीनी

वायु प्रदूषण में खराब परफॉर्मेंस होने पर केंद्र ने वापस ली राशि

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15वे वित्त से आवंटित 28 करोड़ की राशि निगम से छीनी

15वे वित्त से आवंटित 28 करोड़ की राशि निगम से छीनी

ग्वालियर। शहर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने में नाकाम ग्वालियर नगर निगम से केंद्र सरकार ने 15वे वित्त से सत्र 2023-24 में आवंटित 28 करोड़ की राशि को वापस ले लिया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी किए पत्र में बताया है कि वायु प्रदूषण में खराब परफॉर्मेंस होने पर राशि वापस लेते हुए जीरो प्रतिशत ग्रांट देने की बात कही है। वहीं निगम आयुक्त का कहना है कि अभी हमारे पास इस तरह का कोई पत्र नहीं आया है।

राशि वापस लेने की मुख्य वजह शहरभर की सडक़ों पर उड़ती धूल, फूटपाथ पर पानी का छिडक़ाव नहीं होना, स्मॉग टावर नहीं लगाए जाना, ई-व्हीकल पर्याप्त मात्रा में नहीं होना, प्रदूषण रोकने पर्याप्त इंतजाम नहीं होना, खुले में निर्माण कार्य व शहरभर की सडक़ों की जर्जर हालात होने पर शहर के डीडी नगर, महाराज बाड़ा, फूलबाग व सिटीसेंटर क्षेत्र का प्रदूषण का स्तर अधिक होना है। बता दें कि सत्र 2022-23 में भी निगम की 7 करोड़ की राशि वायु प्रदूषण सही नहीं होने पर वापस ले ली गई थी। जबकि बीते तीन साल में केंद्र सरकार के 15वें वित्त से 95 करोड़ की राशि मिल चुकी है और उसमें से 75 करोड़ रुपए से अधिक खर्च भी किए जा चुके हैं उसके बाद भी शहर में प्रदूषण में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।

इन पर हो सख्ती तभी रुके प्रदूषण
शहर की सडक़ों से सडक़ों से धूल हटाना, सोलर एनर्जी का उपयोग, नेट मीटरिंग के आंकड़े, 24 घंटे विद्युत सप्लाई, सोलिड वेस्ट, सीएंडडी वेस्ट का मैनेजमेंट, ई चार्जिंग स्टेशन, फुटपाथ ठीक करना, क्लीन एयर प्रोग्राम, चौराहों पर रेड लाइट होने पर गाड़ी का इंजन बंद रखना, निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट लगाना,ई-रिक्शा,ई-व्हीकल और सीएनजी भट्टी को बढ़ावा देना, इंडस्ट्रियल एरिया में कार्रवाई व रियल टाइम मॉनिटरिंग, फूटपाथ पर पानी का छिडक़ाव, पीएनजी, सीएनजी गैस के अधिक कनेक्शन व स्मॉग टावर लगाने सहित अन्य कार्य होने पर ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है।

प्रदूषण सुधार अब तक 75 करोड़ खर्च
निगम ने 16000 वर्गमीटर ग्रीन एरिया,50 किमी सीसी रोड,चार स्थानों को सुंदर बनाया,5 हजार वर्गफीट ग्रीन एरिया डवलप, सीएंडी वेस्ट के लिए 4 मिनी ट्रक व 3 अन्य वाहन खरीद़े, 5 रोड़ स्वीपिंग मशीनें, 400 केवीए सोलर प्लांट, रेस कोर्स रोड ईको फेंरडली, 8 फोगर मशीन सहित अन्य कार्य पर करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

डीडी नगर व बाड़े पर हमेशा खराब रहता है प्रदूषण
ग्वालियर में वायु प्रदूषण की मॉनिटरिंग के लिए फूलबाग, डीडी नगर, महाराज बाड़ा व सिटी सेंटर क्षेत्र में चार मॉनीटरिंग सेंटर लगाए है। लेकिन डीडी नगर व महाराज बाड़े का प्रदषूण लेवल हमेशा खराब ही रहता है, क्योकि यहां निर्माण कार्य व काफी संख्या में वाहन गुजरते है। जबकि इंदौर,भोपाल व जबलपुर में मॉनीटरिंग सेंटर ऐसी जगह लगाए गए है जहां प्रदूषण हमेशा डाउन रहता है।

"शहर में वेस्ट कलेक्शन, डस्ट कलेक्शन व ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। शहर में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या, जर्जर व उखड़ी सडक़ों से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए शहरवासी अधिक व खुले स्थान पर पेड़ लगाए, सीएनजी वाहन चलाए और गाडिय़ों का कम से कम प्रयोग करें तभी प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सकता है।"
हरेंद्र शर्मा, विभाग अध्यक्ष पर्यावरण विभाग जेयू