
mp election 2018 : चुनाव से पहले स्वास्थ्य,सडक़ और रोजगार को मिले बढ़ावा तभी होगा विकास,See video
ग्वालियर। प्रदेश में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपने-अपने घोषणा पत्र की तैयारियां कर ली हैं। लेकिन चुनाव से पहले जनता के प्रमुख मुद्दों को जानना भी नेताओं के लिए बहुत जरूरी है। इसी के चलते किसी विधानसभा में उस क्षेत्र की प्राथमिकताओं में किन बातों की जरूरत है,ये बड़ा मुद्दा है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिकताओं और प्रमुख मुद्दों को लेकर पत्रिका ने रविवार से ‘जन एजेंडा 2018-2023 बैठकों का दौर शुरू किया है।
पहले दिन ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के लिए हुई बैठक में यहीं के आमजन ने बेबाकी से कहा कि इस क्षेत्र में स्वास्थ्य, सडक़, रोजगार, बिजली, शिक्षा बड़े मुद्दें हैं जिन्हें संबंधित विधायकों को अपने घोषणा पत्र में आवश्यक रूप से लेकर आना चाहिए।
विकलांगों के लिए रैंप बनें
"सभी शासकीय कार्यालयों में विकलांगों के लिए रैंप की सुविधा होनी चाहिए। दिव्यांगों के लिए एकल खिडक़ी लागू की जानी चाहिए। स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार की जरूरत है।"
अनूप जौहरी, सामाजिक कार्यकर्ता
बिजली चोरी रोकने काम हो
"हमारे क्षेत्र के बीचों बीच डेयरी प्रमुख समस्या है। यहां लकड़ी की टालों से आमजन खासे परेशान होते हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित कार्रवाई हो, इससे बिजली की व्यवस्था बेहतर होगी।"
अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष, एमपी टैक्स लॉ बार ऐसोसिएशन
कानून व्यवस्था में सुधार हो
"विधानसभा में स्मैक का नशा युवाओं के सर चढक़र बोल रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही कानून व्यवस्था में भी सुधार की जरूरत है। सडक़ों का गुणवत्ता पूर्ण निर्माण हो।"
डॉ.आरसी राजपूत, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक
विकास पर फोकस हो
"रोजगार और विकास पर फोकस बहुत जरूरी है। यदि तीनों बटालियन को शहर के बाहर शिफ्ट करके वहां महाराज बाड़े के बाजारों को भेज दिया जाए तो इससे काफी हद तक लोड कम हो जाएगा।"
प्रदीप गर्ग, आयुक्त, जिला मुख्यालय भारत स्काउट गाइड
साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए
"दक्षिण विधानसभा में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यहां कई स्थानों पर गंदगी का आलम देखने को मिल सकता है। साथ ही सिविल डिस्पेंसरी में बेहतर सुविधाएं हों, ताकि लोगों को दवाइयां मिल सकें।"
मधु भारद्वाज, गृहिणी
खुदी पड़ी हैं सडक़ें
"क्षेत्र की सडक़ों का बहुत ही बुरा हाल है। जगह-जगह से खुदी पड़ी सडक़ों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। इसके साथ ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सभी को परेशानी उठानी पड़ती है।"
नरेन्द्र मांडिल, राष्ट्रीय महासचिव, दूध डेयरी व्यवसायी महासंघ
स्वास्थ्य केंद्र खुलें
"इस क्षेत्र में नए हाइस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्रों की बहुत जरूरत है। सडक़ों का बुरा हाल है। दाल बाजार को जल्द से जल्द ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किया जाए।"
विजय श्रीवास्तव, अध्यापक
गरीबी रेखा कार्ड की जांच हो
"जिन लोगों के गरीबी रेखा के कार्ड बनाए गए हैं उन सभी की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही कन्या महाविद्यालयों और विद्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।"
गोपाल सिंह कुशवाह, वरिष्ठ नागरिक
बुजुर्गों के लिए योजनाएं बनें
"सफाई की बड़ी समस्या है। आंगनबाड़ी में पकाया हुआ भोजन न देते हुए सूखा भोजन बच्चों को वितरित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही बुजुर्गों के लिए विशेष योजनाएं बननी चाहिए।"
शिव कुमारी क्षोत्रिय, सेवानिवृत्त सूबेदार
कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दें
"वर्तमान विधायक तो कभी देखने को नहीं मिले हैं। सडक़ें उखड़ी पड़ी हैं। इसके साथ ही हमारे वार्ड में तो सरेआम जुंआ खेला जाता है। रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।"
जेके भाले, वरिष्ठ नागरिक
सीवरेज व्यवस्था बेहतर हो
"ध्वनि प्रदूषण से सभी परेशान हैं। साथ ही आवारा पशुओं को हर ओर जमावाड़ा है। 15 सालों से नई सडक़ें नहीं बनी हैं। सीवरेज की व्यवस्था बेहतर की जाए। बंद उद्योगों के मजदूरों को रोजगार की व्यवस्था हो।"
टीएस सक्सेना, सेवानिवृत्त डीएसपी
Published on:
17 Sept 2018 07:50 pm

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