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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत वितरित ऋण पर ब्याज की सब्सीडी कई हितग्राहियों को पिछले एक साल से नहीं मिल रही है। हितग्राही इसके लिए बैंकों व जिला स्तर के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अकेले जिले के लक्ष्मीबाई महिला नागरिक सहकारी बैंक ग्वालियर में 32 हितग्राहियों की 10 लाख 87 हजार रुपए की सब्सीडी दिसम्बर 2021 से नहीं मिली है। खाते ओवरड्यू होकर एनपीए की श्रेणी में आ चुके हैं। जिससे बैंकों का एनपीए बढ़ता जा रहा है। इसकी जानकारी आरबीआई भोपाल भेजने पर वहां आपत्ति दर्ज होती है लेकिन इसका निराकरण नहीं हो पाता। लक्ष्मीबाई महिला नागरिक सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर बैंक को प्राप्त होने वाली सब्सीडी जल्द दिलवाए जाने के लिए सहयोग मांगा है।
मुख्य मंत्री उद्यम क्रांति में नहीं मिल रही सब्सीडी
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (एमएमयूकेवाई) में भी युवाओं को ऋण के बदले ब्याज में किसी तरह का अनुदान नहीं मिल रहा है। उन्हें अपने ऋण का पूरा ब्याज भरना पड़ रहा है। जबकि इस योजना में बेरोजगार युवा द्वारा लिए गए ऋण पर सरकार द्वारा तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है लेकिन करीब एक साल बाद भी सरकार ने अपने हिस्से की 11 करोड़ 16 लाख 32 हजार 575 रूपए का ब्याज अनुदान ब्याज राशि जारी नहीं की है। बैंक भी ब्याज की गणना नहीं कर पूरा ब्याज वसूल रहे हैं। ब्याज में छूट के लिए परेशान हितग्राही ब्याज की छूट देने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैँ लेकिन बैंक अधिकारी जवाब देने की िस्थति में नहीं है। राज्य में अब तक इस योजना के तहत 6 हजार 790 हितग्राहियों ने 38 अरब 34 करोड 24 लाख 8 हजार 102 रूपए का ऋण लिया है।
अब तक 46.58 प्रतिशत बांटा कृषि ऋण
चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में खेती के लिए कृषि अल्प कालीन ऋण तथा कृषि आधारभूत संरचना के विकास के लिए कुल 5631.05 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया था। लक्ष्य के विपरीत में से 2622.97 करोड का ऋण किसानों को दिया गया। यह कुल लक्ष्य का 46.58 प्रतिशत है। किसानों को कृषि के लिए 2947.50 करोड के मुकाबले कुल 1425.30 करोड का ऋण दिया गया है।
Published on:
14 Dec 2022 06:07 pm
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