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ग्वालियर। मकर संक्रांति पर मां के साथ ननिहाल आए तीन साल के मासूम की खौलते पानी में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार को नादान का जन्मदिन था। पुरानी छावनी में उसके घर बर्थडे की तैयारियां थीं, दर्दनाक हादसे से मातम का माहौल हो गया। चंद लम्हों में बेटे को हमेशा के लिए खो देने से माता पिता बदहवास हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा है किस्मत ने उन्हें किस बात की सजा दी है। बीजासेन मोहल्ला, पुराना छावनी निवासी शोभा शाक्य मकर संक्रांति पर पति गणेश, बेटी मिस्टी (५)और बेटे यश (३) के साथ खिड़की वाला मोहल्ला में मायके आई थी। पति गणेश शाक्य रात को घर लौट गए।
शोभा बेटा और बेटी के साथ मायके में रुक गई। नाना गणपत शाक्य ने बताया सुबह करीब ८.३० बजे घर की ऊपरी मंजिल पर पूजा कर रहे थे। बेटी शोभा दोनों बच्चों को नहलाने की तैयारी में थी। उनके लिए बाल्टी में रॉड डालकर आंगन में पानी गर्म हो रहा था। नातिन मिस्टी वहीं मंजन कर रही थी और नाती यश उसके पास खेल रहा था। शोभा के मोबाइल पर घर से फोन आया तो वह बात करती हुई ऊपरी मंजिल पर आ गई।
उसी दौरान नाती यश खौलते पानी से भरी बाल्टी में गिर गया। जोर से चीखा तो शोभा ने आंगन में झांका बेटे को तड़पते देखकर चीखी, आवाज सुनकर सभी लोग आंगन में भागे। यश को बाल्टी से निकाला कर इलाज के लिए ले गए। लेकिन वह बुरी तरह जल चुका था। करीब पांच घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
खिंच आई खाल
यश खौलते पानी की बाल्टी में गिरा उसके पास उस वक्त सिर्फ नादान मिस्टी थी। इसलिए परिजन हादसे की वजह नहीं बता पा रहे हैं। यश बाल्टी में उकड़ू हालत में फंसा मिला था। भगवान लाल शाक्य निवासी पुरानी छावनी ने बताया है पोता यश बाल्टी के पास खेल रहा था। आशंका है उसने बाल्टी की किनारी पकड़कर उस पर बैठने की कोशिश की है, अंसतुलित होकर बाल्टी में सरक गया उसमें उकड़ू हालत में फंस गया। यश दो स्वेटर पहने था, ऊनी कपड़ों ने खौलता पानी सोख लिया। इससे शरीर बुरी तरह झुलस गया। गनपत शाक्य ने बताया नाती को बाल्टी से निकाल कर कपडे़ उतारे तो उसकी खाल भी कपड़ों के साथ खिंच आई।
घर में चल रही थी जन्मदिन की तैयारियां
बुधवार को यश का जन्म दिन था। पुरानी छावनी में उसके घर खुशियों का माहौल था बर्थ डे मनाने के लिए शोभा को दोनों बच्चों के साथ मंगलवार को ससुराल आना था। लेकिन यश घर नहीं लौट सका। उसकी मौत की खबर पहुंची। दर्दनाक घटना से उसकी ननिहाल और घर पर मातम पसर गया। पुरानी छावनी में उसके पड़ोसियों का कहना है यश नाना के घर जाते समय काफी खुश था, बोल कर गया था वापस लौटकर बर्थ डे मनाएगा।
जिदंगी भर रुलाएगा जन्मदिन
गणपत शाक्य का कहना था ननिहाल में मासूम नाती की दर्दनाक मौत जिदंगी भर रुलाएगी। हर साल जब यश का जन्मदिन आएगा तो दर्दनाक घटना दिल दुखाएगी। समझ में नहीं आ रहा किस्मत ने उनके साथ एेसा क्यों किया। घर से तमाम लोग थे लेकिन जिस वक्त नाती के साथ घटना हुई उस वक्त कोई भी आंगन में मौजूद नहीं था।
मत करो बेटे का पोस्टमार्टम
यश की मौत से पिता गणेश और मां शोभा बदहवास हैं। गणेश नही चाहते थे मासूम बेटे का पोस्टमार्टम किया जाए। इसलिए सुबह पुलिस से लगातार गुहार करते रहे कि बेटे का शव परीक्षण मत करो, वह नादानी में खौलते पानी में गिरा है। उसके साथ कोई साजिश नहीं हुई है। उन्हें किसी पर शक नहीं है। गणेश और उनके परिजन की जिद की वजह से काफी देर तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई रुकी रही। पुलिस की काफी समझाइश के बाद पिता यश के शव के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
"नादान यश खौलते पानी की बाल्टी में कैसे गिरा, मामले की जांच की जा रही है। परिजनों को समझा कर बच्चे के शव का परीक्षण कराया गया है।"
एमएम मालवीय, ग्वालियर टीआई
Published on:
17 Jan 2018 09:54 am
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