
नागरिकता संशोधित कानून : शहर में हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात फिर भी कर रहे थे प्रदर्शन
ग्वालियर। जिले में हाई अलर्ट है और चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात हैं। साथ ही शहर में धारा 144 भी लगी हुई है। इसके बाद भी धारा 144 का उल्लंघन कर नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे भारतीय जनता युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 84 कार्यकर्ताओं को फूलबाग पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ पड़ाव थाने में धारा 151 (शांतिभंग) व 188 (धारा 144 का उल्लंघन) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सभी कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर जेल भेज दिया गया।
जिले में 24 दिसंबर तक धारा 144 लगाई गई है, इसमें सभी धरना, प्रदर्शन, जुलूस-रैलियों की अनुमति निरस्त कर दी गई थी। शुक्रवार को पुलिस व प्रशासन को सीएए के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन की सूचना मिली थी, जिस पर फूलबाग चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। दोपहर करीब ढाई बजे वहां प्रदर्शनकारी जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
लगे दिल्ली पुलिस जिंदाबाद के नारे
अभाविप और भाजयुमो के कार्यकर्ता फूलबाग पर पहुंचते ही नारेबाजी करने लगे। दिल्ली पुलिस जिंदाबाद और कमलनाथ सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने उन्हें रोका तो गिरफ्तारी देने तैयार हो गए। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस से बचने इधर-उधर हो गए, लेकिन उन्हें भी पकड़कर जेल भेज दिया गया।
छावनी बना रहा फूलबाग चौराहा
फूलबाग चौराहे पर आने वाले हर रास्ते पर एक-एक टीआइ की ड्यूटी लगाई गई थी। एडिशनल एसपी पंकज पांडेय, सतेन्द्र तोमर, सीएसपी रजत सकलेचा, रवि भदौरिया, डीएसपी ट्रैफिक विजय भदौरिया, आरएन त्रिपाठी, टीआइ ज्ञानेन्द्र सिंह, महेश शर्मा, विवेक अष्ठाना, महेश शर्मा, प्रीती भार्गव तैनात थे। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए चौराहे पर पुलिस अधिकारियों समेत करीब 125 जवान तैनात थे। पुलिस किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पूरी तैयारी से थी। मैदान पर पुलिस के वाहन और बसें खड़ी थीं, वज्र वाहन भी था।
शहर की सुरक्षा के लिए एसएएफ, क्यूआरएफ तैनात
संशोधित नागरिकता कानून को लेकर गरमा रहे माहौल से खुफिया एजेंसी और पुलिस अलर्ट हो गई हैं। शहर का माहौल कंट्रोल में रहे इसलिए एसएएफ, क्यूआरएफ और होमगार्ड को बुला लिया गया है। इसके अलावा देहात के थानों का फोर्स भी शहर में आ गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया के साथ शहर के संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है, इसके लिए मुखबिरों को लगाया गया है। सभी थानों को एडीजी और एसपी ने हिदायत दी है कि माहौल बिगाडऩे की कोशिश करने वालों को शंट किया जाए।
उधर इस मसले को लेकर रविवार को निकाले जाने वाले जुलूस को भी इजाजत नहीं दी गई है। एसपी नवनीत भसीन ने बताया कि सोशल मीडिया पर पुलिस लगातार नजर रखे है। थाना स्तर पर कॉलोनी,गली मोहल्लों में सूचना संकलन टीम को अलर्ट किया है।ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है जो खुराफत कर सकते हैं। उनकी भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा में कसावट के लिए शहर के थानोंं में तैनात फोर्स के अलावा एसएएफ, क्यूआरएफ और देहात के थानों का फोर्स भी शहर में बुला लिया गया है।
बाहरियों पर निगरानी
शहर में बाहर से आने वालों, आउटर कॉलोनी और बस्तियों में रहने वालों और खाली इमारतों को भी चिह्नित किया गया है। सभी थानों को हिदायत दी गई है हर सूचना को गंभीरता से लें। कोई भी माहौल बिगाडऩे की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
गलत परंपरा न डाले सरकार
युवा मोर्चा नेता अमित जादौन ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को जिस प्रकार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, कांग्रेस सरकार यह गलत परंपरा डाल रही है।
रिहाई के लिए आज कोर्ट जाएंगे
भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्र एवं मोर्चा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए 21 दिसंबर को कोर्ट जाएंगे।
Published on:
21 Dec 2019 01:05 pm
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