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ग्वालियर साइबर सेल के सिपाहियों ने ट्रेन में लूट लिए थे सराफा कारोबारियों से 60 लाख

जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस की घटना, राजस्थान क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर की वारदात, व्यापमं कांड में निलंबित सिपाही, आरपीएफ जवान भी थे साथ

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ग्वालियर साइबर सेल के सिपाहियों ने ट्रेन में लूट लिए थे सराफा कारोबारियों से 60 लाख

ग्वालियर. राजस्थान क्राइम ब्रांच के पुलिस अफसर और जवान बनकर जबलपुर-निजामुद्दीन ट्रेन में सफर कर रहे झांसी के दो सराफा कारोबरियों से 60 लाख रुपए लूट लिए गए। इस वारदात का मास्टरमाइंड ग्वालियर जिले की साइबर सेल का सिपाही अभिषेक तिवारी था। उसके साथ आरपीएफ का जवान योगेंद्र, साइबर सेल में पदस्थ सिपाही विवेक पाठक ,व्यापम कांड में निलंबित आरक्षक सतेन्द्र गुर्जर ने वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने बताया कि झांसी के बड़ा बाजार में सराफा कारोबार करने वाले राकेश पुत्र शंकरलाल अग्रवाल, सागर अग्रवाल और संजय गुप्ता दिल्ली से डिजाइनर ज्वेलरी लाते थे। वे 17 जून को दिल्ली जाने के लिए जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार हुए। उनके पास अन्य चार-पांच सराफा कारोबारियों की रकम भी थी। इनके पास दो बैग में 30-30 लाख रुपए रखे थे। ट्रेन डबरा स्टेशन से गुजरने के बाद चार लोग इनके पास आ गए और खुद को राजस्थन क्राइम ब्रांच का अधिकारी और जवान बताकर पूछताछ करने लगे।

कारोबारियों को धमकाया
कारोबारियों को डराया धमकाया और दोनों बैग जब्त कर लिए और कहा कि जांच के बाद रुपए मिलेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि आगे के कोच मे अफसर बैठे हैं यह कहकर चारो लोग ग्वालियर स्टेशन के पास दूसरे कोच में चले गए। सराफा कारोबारियों ने झांसी लौटने के बाद अन्य व्यापारियों को घटना बताई।

झांसी पुलिस ने ग्वालियर पुलिस को दी थी सूचना
सराफा कारोबारियों ने झांसी पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। झांसी पुलिस ने ग्वालियर पुलिस को सूचना दी। यहां जीआरपी थाने में एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा किया है। आरोपियों से 52 लाख रुपए बरामद कर लिए गए हैं। शेष रकम के लिए उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

ऐसे हुआ खुलासा...सीसीटीवी में दिखे सिपाही
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच टीम गठित की। इसकी कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतेंद्र तोमर को सौंपी गई। उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश तोमर ने जीआरपी थाना और क्राइम ब्रांच की टीम को पड़ताल करने लगाया। पुलिस ने झांसी स्टेशन, डबरा स्टेशन और ग्वालियर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसमें साइबर पुलिस का सिपाही अभिषेक, निलंबित सिपाही सतेंद्र गुर्जर और दो अन्य बैग लिए हुए नजर आए। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मास्टर माइंड अभिषेक सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।