
ग्वालियर नगर निगम में ऐसे रुकेगा भ्रष्टाचार
ग्वालियर. नगर निगम में वृद्धावस्था पेंशन, पात्रता पर्ची और नामांरण सहित अन्य में भ्रष्टाचार को लेकर पत्रिका में खबर प्रकाशित होते ही निगम में खलबली मच गई। निगमायुक्त द्वारा तत्काल विधानसभा वार उपायुक्त व सहायक उपायुक्त की टीम गठित कर प्रत्येक सप्ताह जनमित्र केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई करेंगे। निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने पत्रिका के शनिवार के अंक में नगर निगम में भ्रष्टाचार, वृद्धावस्था पेंशन 500 रुपए, पात्रता पर्ची एक हजार और नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए के रेट फिक्स की खबर प्रकाशित होते ही आदेश जारी कर निगम के सभी जनमित्र केंद्रों की शिकायतों के लिए चारों विधानसभाओं में 1-1 उपायुक्त व एक-एक सहायक आयुक्त को नियुक्त कर जांच दल गठित किए गए हैं। यह जांच दल हर सप्ताह में एक बार जनमित्र केंद्रों का निरीक्षण कर नागरिकों की शिकायतों का निराकरण कराएंगे।
हर तीन माह बाद बदलेंगे कर्मचारी
आयुक्त ने निर्देश दिए कि जनमित्र केंद्रों, क्षेत्रीय कार्यालयों पर पर कार्यरत कर्मचारियों, पेंशन जन कल्याणकारी योजनाएं श्रम कल्याणकारी योजनाएं के कार्य देखने वाले सभी कर्मचारियों को तीन-तीन माह बाद कंप्यूटर ऑपरेटरों, जनमित्र प्रभारियों, राजस्वकर सग्राहकों को इधर-उधर स्थानांतरित किया जाए।
अब ई-पोर्टल से बनेंगे प्रमाण-पत्र
जनमित्र केंद्रों पर प्रचलित लोक सेवा गारंटी की सेवाएं जैसे जन्म, मृत्यु पंजीयन, भवन भूमि का नामांकन इत्यादि योजनाएं जो ई नगर पालिका पोर्टल द्वारा संचालित है उनका संचालन जनमित्र केंद्रों से जल्द ही समाप्त कर ई नगर पालिका पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। ई नगर पालिका की सेवाओं का प्रशिक्षण शहर के साइबर कैफे संचालकों को भी दिया जाएगा ताकि कोई भी नागरिक किसी भी साइबर कैफे व कियोस्क पर पहुंचकर जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नामांकन के लिए आवेदन कर सके।
यह है योजना
भवन अनुज्ञा का कार्य शासन द्वारा केंद्रीयकृत तरीके से बिल्डिंग परमिशन अप्रूवल सिस्टम पोर्टल से ही किया जाए।
जनकार्य से संबंधित अपर आयुक्त हर 15 दिन बाद पोर्टल की समीक्षा करें।
बिल्डिंग परमिशन के सॉफ्टवेयर की प्रति सप्ताह समीक्षा निगम आयुक्त समय सीमा बैठक में करेंगे।
जन्म, मृत्यु पंजीयन का कार्य भी ई नगर पालिका पोर्टल के माध्यम से मोबाइल से ही दर्ज कराए जाना शुरू किया जाए।
नजर रखने टीम गठित
ग्वालियर पूर्व विधानसभा: डॉ. प्रदीप श्रीवास्वत, सहायक उपायुक्त मिनी अग्रवाल,
दक्षिण विधानसभा: एपीएस भदौरिया, सुनील चौहान
ग्वालियर विधानसभा : सत्यपाल सिंह चौहान, सहायक उपायुक्त विजय कुमार बरूआ,
ग्वालियर ग्रामीण: अमरसत्य गुप्ता सहित अन्य को शामिल किया गया हैं।
Published on:
13 Feb 2022 07:18 pm
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