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कम भाव मिलने के कारण मंडी तक नहीं आ रहा कपास

कुक्षी की बजाय खेतिया में ज्यादा मिल रहे हैं दाम

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कम भाव मिलने के कारण मंडी तक नहीं आ रहा कपास

कम भाव मिलने के कारण मंडी तक नहीं आ रहा कपास

कुक्षी. कुक्षी की कृषि उपज मंडी में इनदिनों सफेद सोना कपास की वैसी आवक नहीं हो रही है। जैसी बीते वर्ष यहां हो रही थी। इसके पीछे कपास के भावों में कमी आना बता रहे है। कुक्षी के पांच से अधिक जिनिगों को प्रतिदिन 8 हजार ङ्क्षक्वटल से अधिक की कपास की जरूरत है और अभी कुक्षी मंडी सहित बाजार में खेरची कपास के साथ बाहर से आने वाले कपास के वाहनों को मिलाकर भी कोई दो हजार ङ्क्षक्वटल कपास ही मिल पा रहा है।

निमाड क्षेत्र में कपास उत्पादक किसान भावों में आई कमी को देखते हुए कपास की फसल को मंडी में बिक्री के लिए नहीं ला रहे हैं। यहां भी जब कपास की फसलों की खरीदी के मुहर्त हुए तो भाव 10 से 11 हजार रुपए तक भरे गए थे और अब एक माह में ही यही भाव 7 से 8 हजार रुपए पर पहुंच गए हैं। ऐसे में किसान जब फसल उनके आंगन में आई तो भावों में आई कमी को देखकर अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं और वर्तमान में तो वह कपास की फसल को मंडी से दूर ही अपने घरों में रखे हुए हैं। एक माह की खरीदी में बीच में एक सप्ताह तक व्यापारियों और जिनिग मालिको ने अपने टैक्स कम करने को हडताल भी रखी परन्तु सरकार ने व्यापारियों की बात सुनने की बजाय सख्ती से इस हडताल को खत्म करवाकर बन्द हुए कारोबार को पुन: शुरू करवा दिया। सूत्र बताते हैं हडताल में भी राजनीति के आने से ऐसी स्थिति बनी और अबतक व्यापारियों की मांगों पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।

दूसरी ओर लाभ पंचमी से गुजरात के जिनिग मालिकों ने भी अपने यहां जिनिग के कारोबार को शुरू किया है इसके बाद अब मध्यप्रदेश के कपास के गुजरात जाकर बिकने की संभावना भी बढ गई है। कुक्षी मंडी में अभी अच्छे कपास के दाम भी किसान को 7800 से 8000 तक ही मिल रहे हैं। बुधवार 2 नवंबर को भी मंडी में कुल 44 वाहनों में 470 क्विटल ही कपास बिकने आया और भाव भी अधिकतम 8225 ओर न्यूनतम 7105 रुपए रहे हैं।

खेतिया में ज्यादा कुक्षी में कम क्यों
निमाड की 15 से अधिक मंडियों में कपास की जमकर आवक होती है। इन्ही मंडियों से कपास जिनिगों तक पहुंचकर गठानें तैयार होती है और यही गठन फिर 15 से 20 लाख तक कि संख्या में अपने देश के विभिन्न प्रांतों के साथ विदेशों तक जाती है। वर्तमान में अधिकांश मंडियों में कपास ऊपर में 8 हजार से 8200 तक बिक रहा है, परन्तु खेतिया मंडी में कपास के उच्चतम भाव 8500 तक जा रहे है। हमारे पास कॉटन एसोसिएशन का यह चार्ट है जो 1 नवंबर के भावों का है।