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Court news. हाईकोर्ट की युगल पीठ ने एक पिता को अपने 11 साल के बच्चे को साथ घुमाने का अधिकार दिया है। अब वह प्रत्येक रविवार को सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक बच्चे को अपने साथ ले जा सकेगा। शहर में घुमाने के साथ-साथ खाना भी खिला सकता है। अब इस मामले में बच्चा हॉस्टल में रहेगा या फिर मां के पास। इस ङ्क्षबदु पर फैसला होगा। पिता अच्छे स्कूल में बच्चे को पढ़ाना चाहता है, लेकिन उसके मामा आने नहीं दे रहे हैं।
नरेश (परिवर्तित नाम) ने अपने बच्चे की कस्टडी के लिए कुटुंब न्यायालय में दावा पेश किया था, लेकिन कुटुंब न्यायालय ने उसका आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
उसकी ओर से तर्क दिया कि मैं अपने बच्चे को शहर के सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ा रहा था, लेकिन पत्नी अपने मायके में बच्चे को ले गई है। उसे पढ़ा नहीं पा रही है। न मुझे मिलने देती है। बच्चे को मामा के घर की बजाए हॉस्टल में रखा जाए, जिससे उसका भविष्य बन सके। उसे मिलने की अनुमति भी दी जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बच्चे को अपने साथ घुमाने का अधिकार दिया है।
Updated on:
26 May 2024 06:23 pm
Published on:
26 May 2024 06:22 pm
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