
लोग कोमल के घर आने का कर रहे थे विरोध, अधिकारी ने कही ऐसी बात ताली बजाकर मां-बेटी का किया स्वागत
ग्वालियर। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी कोमल को अपने घर मायके पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक तरफ मल्टी के लोग उसके घर आने का विरोध कर रहे थे दूसरी तरफ अस्पताल से उसकी छुट्टी कर दी गई थी। ऐसे में वह परेशान थी आखिर बेटी को लेकर जाए तो कहां जाए। पत्रिका को पता चला तो क्षेत्र की इंसीडेंट कमाडिंग ऑफिसर को बताया फिर पुलिस को भी खबर दी।
जिसका नतीजा हुआ कि इंसीडेंट कमाडिंग ऑफिसर ममता शाक्य ने खुद मौके पर जाकर वहां के लोगों को समझाया और अपनी मौजूदगी में मां-बेटी को घर में प्रवेश कराया। लेकिन नसीहत भी दी कि क्वारेंटाइन को बिलकुल पालन करें। इंसीडेट कमांडर की बात समझ आते ही मल्टी के लोगों ने मां-बेटी के आने पर ताली बजाकर स्वागत भी किया। भाई सन्नी ने पत्रिका का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि शुरू से लेकर आखिर तक हमारे साथ खड़े रहे। जब लोगों ने विरोध किया तो पत्रिका आगे आया। पत्रिका की वजह से मां-बेटी अपने घर आ सकी।
यह था मामला
अजयपुर रोड सरदार जी की मल्टी स्थित मायके रह रही कोमल को तबियत बिगडऩे पर 5 मई की रात 11 बजे कौल नर्सिगहोम भर्ती कराया था। कोमल के दो बार मिसकैरेज हो चुके थे। इस बार भी केस क्रिटीकल होने पर ऑपरेशन होना जरूरी था। इसलिए ऑपरेशन से पहले 6 मई को कोमल की कोविड-19 टेस्ट के लिए सैंपल प्राइवेट लैब पैथ काइंड में भेजा। 7 मई को कोमल ने बच्ची को जन्म दिया। शुक्रवार रात को रिपोर्ट पॉजीटिव आई। लेकिन जब प्रशासन ने अपनी तरफ से दूसरी बार जांच कराई तो कोरोना निगेटिव निकली।
समझाया तो मान गए
इंसीडेंट कमाडिंग ऑफिसर ममता शाक्य ने बताया कि मल्टी के लोग विरोध कर रहे थे। मौके पर जाकर उन्हें समझाया तो वह मान गए। इसके बाद कोमल और उनकी बेटी को घर में प्रवेश कराया। लोगो ने ताली बजाकर मां-बेटी का स्वागत किया।
Published on:
14 May 2020 08:48 pm
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