नशा मुक्ति केन्द्रों का पंजीयन जिस विभाग में होता है, उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि शहर में कितने अवैध केन्द्र चल रहे हैं। जबकि शहर में आधा दर्जन से अधिक नशा मुक्ति केन्द्र बिना पंजीयन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने आज तक अवैध तरीके से संचालित केन्द्रों की खैर-खबर तक नहीं ली। अब जब एक नशा मुक्ति केन्द्र पर अमानवीय व्यवहार किए जाने की बात सामने आई, तो विभाग अन्य केन्द्रों पर भी कार्रवाई करने की बात कर रहा है।