22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना के बाद बढी औषधीय पौधों की मांग, ढाई महीनें में पन्द्रह हजार लोगों ने खरीद

वन विभाग की नर्सरी में औषधीय पौधों की बहार

2 min read
Google source verification
कोरोना के बाद बढी औषधीय पौधों की मांग, ढाई महीनें में पन्द्रह हजार लोगों ने खरीद

कोरोना के बाद बढी औषधीय पौधों की मांग, ढाई महीनें में पन्द्रह हजार लोगों ने खरीद

ग्वालियर. कोरोना काल में औषधीय पौधों को लोगों ने खूबी पसंद किया है। इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए सभी की जुबान पर गिलोय, एलोवेरा, तुलसी सहित अन्य पौधे है। इसी को देखते हुए अधिकांश लोग अब अपने घरों में इन पौधों को लगाने में अपनी रूचि दिखा रहे है। इसमें से कई पौधें गमले में आसानी से आ जाते है। इसलिए बारिश के इस मौसम में वन विभाग की तपोवन नर्सरी में लोग काफी संख्या में पहंच रहे है। हालात यह हो गए है कि ढाई महीने में ही लगभग 15 हजार से ज्यादा औषधीय पौधों की बिक्री हो चुकी है। यह हर पौधे की कीमत 14 रूपए रखी गई है। इसी के चलते काफी संख्या में पौधों की अच्छी बिक्री यहां से अब हर महीने हो रही है। केचुआ की स्वाद भी यहां पर तैयार मिलती है। यहां पर औषधियों की लगभग 50 तरह की वैरायटी उपलब्ध है।
इन औषधीय पौधों की डिमांड
तपेावन में इन दिनों औषधीय पौधों की काफी मांग बढ़ी है। जिसमें एलोवेरा, कई तरह की तुलसी, गिलोय, पत्थरचट्टा, बेल, लोंग तुलसी, हरसिंगार काफी संख्या में लोग ले रहे है। वहीं कई लोग तो पचास से सौ तक पौधों को ले जाकर अपने स्कूल कॉलेजों में भी लगाने में लगे हुुए है। इसके हिसाब से कई पौधे अब खत्म भी होने लगे है। सुबह घूमने वालों की संख्या भी बढ़ी
तपेावन में सुबह काफी संख्या में लोग घूमने के लिए आते है। ऐसे लोग औषधियों पौधों के साथ अन्य पौधों के बीच में काफी समय अपना देते है। जिससे यह लोग कई तरह की बीमारियों से बचे रहते है।
यह पौधे भी होते है तैयार
तपोवन में फलदार पौधों में अमरूद, जामुन, आम, नीबू, संतरा सहित कई पौधे है। फूलों के पौधों में मुख्य रूप से गुलमोहल, गुलाब, कचनार, बोगन बिलिया,सेमल आदि की कई वैरायटी तैयार होती है।
इनका कहना है
औषधीय पौधे लेने के लिए काफी संख्या में लोग आ रहे है। इस समय काफी वैरायटी के औषधीय पौधों की डि़मांड बढ़ी है। हमारे यहां लगातार पौधों को तैयार करके ब्रिकी के लिए लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे है।
सपना बिशोरिया , वन विस्तार अधिकारी तपोवन नर्सरी