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सम्राट मिहिर भोज के वंशज भी सामने आए, बोले कि उनके सामने से गुर्जर हटाया जाए

कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए तीनों याचिकाओं को अक्टूबर तक बढ़ायाप्रतिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाई रखी जाए

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Gwalior high court

सम्राट मिहिर भोज के वंशज भी सामने आए, बोले कि उनके सामने से गुर्जर हटाया जाए

ग्वालियर. हाईकोर्ट की युगल पीठ मंगलवार को सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई की। अरुनोदय सिंह परिहार ने यह कहते हुए याचिका दायर की है कि वे सम्राट मिहिर भोज के वंशज हैं। सम्राट मिहिर भोज राजपूत थे और उनके सामने गुर्जर न लगाया जाए। क्षत्रिय महासभा ने गत दिवस हुए हंगामा की जानकारी देते हुए कहा कि माहौल बिगाडऩे की कोशिश हो रही है। कोर्ट ने नाराजगी जजाते हुए कहा कि यदि आदेश का उल्लंघन हुआ है तो अवमानना याचिका दायर करें। सभी याचिकाओं को अक्टूबर में सुना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि मौके पर यथा स्थिति बनाई रखी जाए।


दरअसल चिरवाई नाके पर नगर निगम ने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाई है। इस प्रतिमा को लेकर दो समाज आमने सामने हैं। इसको लेकर राहुल साहू ने हार्ईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर प्रतिमा को ढंक दिया गया। स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। जो तथ्यों के आधार पर सम्राट मिहिर भोज की रिपोर्ट पेश करेगी, लेकिन अब तक न्यायालय में रिपोर्ट नहीं आई है। इस बीच सतना के नागौद निवासी अरुनोदय सिंह परिहार ने सम्राट मिहिर भोज का वशंज होने के दावा करते हुए याचिका दायर की है। उनकी ओर से तर्क दिया गया कि संभागायुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने उन्हें नहीं सुना। कोई भी बिंदु तय करने से पहले उनके वंशजों को सुना जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने सभी याचिकाओं की तारीख बढ़ा दी।