
प्रशासन और डॉक्टरों का विवाद सिंधिया के पास पहुंचा, 28 को ज्योतिरादित्य के सामने रखीं जाएंगी ये मांग
ग्वालियर। प्रशासन और चिकित्सकों के बीच चल रहा विवाद अब थामने का नाम ले रहा है। शहर के कई निजी चिकित्सालयों को नोटिस देने के बाद प्रशासन ने भी कोई नया कदम नहीं बढ़ाया है। उधर, डॉक्टर भी नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं, लेकिन अब दोनों खेमों की अंदरूनी कोशिश विवाद को तूल देने की बजाए बैठकर निपटारे की है। इसके लिए प्रशासन और चिकित्सकों दोनों से ताल्लुक रखने वाले एक्टिव हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी टीम के कुछ लोग दिल्ली जाकर सारी बात पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी बता चुके हैं।
सिंधिया 28 नवंबर को ग्वालियर आ रहे हैं, उन्होनें भरोसा दिलाया है कि जेएएच में भी आएंगे तो वहीं उनके सामने बात होगी। तब तक चिकित्सक सिर्फ प्रशासन के कदम को सिर्फ देखेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सेंट्रल वर्किंग कमेटी के सदस्य डॉ. एएस भल्ला के मुताबिक चिकित्सकों की बैठक जारी हैं। उसमें कई बातों पर विचार हो रहा है।
इसमें पक्ष रखा गया है कि टकराव की बजाए समस्या का समाधान निकलता है तो बेहतर है। समस्या की जड़ को कैसे दूर किया जाए इसके लिए भी मंथन चल रहा है। पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी घटनाक्रम बताया है। उन्होंने भी कहा है कि विवाद को खत्म करने का जरिया तलाशना होगा। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन के सामने भी यही ऑप्शन रखा गया है।
डॉक्टरों को नोटिस से मच गया था हड़कंप
दो दिन पहले तक कमिश्नर,कलेक्टर को सर नहीं कहने और इन अफसरों के दबाव में काम नहीं करेंगे चिकित्सकों के इस बात पर अडऩे के बाद प्रशासन और डॉक्टर आमने सामने आ गए थे। गुरुवार को प्रशासन ने अस्पताल संचालकों को थोक में नोटिस थमा हड़कंप मचा दिया था। चिकित्सकों ने भी ऐलान नहीं किया था लेकिन अंदरुनी तौर पर कामबंद की तैयारियां शुरु कर दी थी।
Published on:
25 Nov 2019 02:12 pm
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