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35 साल बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर में नहीं पहुंची सुविधाएं

दुकानों के बाहर भरा पानी, स्ट्रीट लाइटें भी नहीं

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35 साल बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर में नहीं पहुंची सुविधाएं

35 साल बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर में नहीं पहुंची सुविधाएं


ग्वालियर. ट्रांसपोर्ट नगर बसे तो लगभग 35 साल हो गए है। लेकिन यहां पर सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर को जीडीए ने बसाया था। जीडीए ने व्यापारियों को कोई भी सुविधा नहीं दी। इसके बाद लगभग तीन साल पहले यह नगर निगम में मर्ज हो गया। लेकिन नगर निगम भी विकास कराना भूल गई। इसके चलते इन दिनों नरक जैसे हालात यहां पर बन गए है। बारिश के दिनों में तो व्यापारियों का व्यापार करना भी मुश्किल हो गया है। इन दिनों यहां आने वाले ट्रक भी पानी के बीच में ही फसे खड़े हुए है। हर दिन व्यापारियों को अपनी दुकान खोलने से पहले परेशानी से गुजरना पड़ता है। यहां कई दुकानों के बाहर तो हालात यह हो गए है कि हर दिन पानी की समस्या के बाद अब दुकानदारों ने गिट्टी डलवा ली है। जिससे व्यापारी दुकान तक आ पा रहे है।
हड़ताल के बाद बनी थी सडक़ें
ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारी वर्षो से परेशानी के बीच अपना व्यापार कर रहे है। पिछले वर्षो काफी समस्याओं के चलते सभी व्यापारी हड़ताल पर चले गए थे। जिसमें पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने भी अपना समर्थन दिया था। उसके बाद लगभग पांच साल यहां की कुछ सडक़े बनाई गई थी। लेकिन अब सभी सडक़ों के हाल बुरे है।
तीन हजार दुकानें है
ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग तीन हजार दुकानें है। यहां से कई शहरों के लिए माल भेजा जाता है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में व्यापारी होने के बाद भी इनकी समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है। ऐसी स्थिति में अब व्यापारी अपने आप को अकेला महसूस कर रहे है। इसलिए आए दिन यह लोग अपनी दुकानें भी बंद कर देते है।
गाडिय़ां नहीं सुधर पा रही
ट्रांसपोर्ट नगर में कई ऐसी भी दुकानें है। यहां पर बड़े- बड़े ट्रकों को सुधारा जाता है। इनमें कई वाहन तो बाहर से आकर यहां पर खराब होने वाले होते है। लेकिन इन दिनों दुकानों के आगे पानी भरा होने से यह काम नहीं हो पा रहा है।
स्ट्रीट लाइटें है ही नहीं
कुछ साल पहले नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर की स्ट्रीट लाइटें ठीक कराई थी। जिससे यहां पर कुछ रोशनी होने लगी थी। लेकिन अब धीरे- धीरे बुरे हाल हो गए है। इन दिनों अधिकांश लाइटें खराब होने के साथ खंबों पर ही नहीं है।
कोई सुनने वाला नहीं है
हमारे यहां कई समस्याएं है। लेकिन पिछले काफी वर्षो से हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। इसके चलते अब व्यापार भी परेशानी वाला हो गया है।
राजीव मोदी, व्यापारी
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किससे लगाए गुहार
मंत्री, नेता और अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते है। चुनाव के समय यहां जरुर आते है। लेकिन काम कुछ भी नहीं होता है। ऐसे में अब किससे गुहार लगाए।
रहीस खान, व्यापारी