
हर नागरिक को ईमानदारी से देना चाहिए आयकर
ग्वालियर. आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयकर विभाग की ओर से शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टकसाल रोड कंपू पर सेमिनार किया गया। इसमें बच्चों को आयकर के संबंध में खास जानकारियों दी गईं। आयकर अधिकारियों ने बताया कि देश में आयकर 1860 में जेम्स विल्सन लाए थे। समय-समय पर इसमें संशोधन हुए, वर्तमान में यह आयकर अधिनियम 1961 के नाम से जाना जाता है। देश के प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी के साथ आयकर देना चाहिए। रेलवे, स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, परिवहन, रक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान एवं अंतरिक्ष विज्ञान आदि कार्यों में व्यय के लिए देश को धन की जरूरत होती है, जिसका अधिकांश प्रतिशत आयकर से ही प्राप्त होता है। हर करदाता का प्रत्यक्ष रूप से देश के विकास में योगदान होता है। इसका उन्हें गर्व होना चाहिए। आयकर (इनकम टैक्स) वह कर है जो सरकार लोगों की आय पर आय में से लेती है। आयकर सरकारों के क्षेत्राधिकार के भीतर स्थित सभी संस्थाओं द्वारा उत्पन्न वित्तीय आय पर लागू होता है। कानून के अनुसार, प्रत्येक व्यवसाय और व्यक्ति कर देने या एक कर वापसी के लिए पात्र हैं, और उन्हें हर साल एक आयकर रिटर्न फाइल करना होता है। आयकर धन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जिसे सरकार अपनी गतिविधियों निधि और जनता की सेवा करने के लिए उपयोग करता है। देश में आयकर अहम् योगदान अदा करता है। सेमिनार को आयकर अधिकारी सनी भार्गव, राजेश कटारे और नरेन्द्र शर्मा ने संबोधित किया। इस मौके पर आयकर निरीक्षक बीएल वर्मा, योगेश सिंघल, स्कूल की प्राचार्या सुषमा आर्य, शिक्षक मुकुट बिहारी द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।
Published on:
18 Dec 2021 02:10 am
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