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ग्वालियर। जब एक-एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है, ऐसे में आईसीएमआर (Indian Council of Medical Research) की रिपोर्ट हैरान करती है। इसमें दो लापरवाही उजागर हुई है। एक तो निगेटिव पाए गए लोगों के नाम पाजिटिव पाए गए मरीजों में लिख दिए गए। दूसरी ओर दर्जनों नाम ऐसे हैं जिनके पिता के नाम ही बदल दिए गए। यानी नारायण, सचिन, आशीष, विनिता और रचना समेत सभी के पिता के नाम जावेद खान बताए गए हैं।
ग्वालियर और अस्पतालों की कोविड जांच की आईसीएमआर रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया है। इस रिपोर्ट में इतनी खामियां हैं कि कई पेशेंट्स के पिता के नाम ही बदल दिए गए। मजेदार बात यह है कि ज्यादातर पेशेंट्स के पिता का नाम एक ही है। यानी नारायण, सचिन, रचना, आशीष, आकाश, प्रशांत समेत कई मरीजों के पिता जावेद खान हैं। कुल 16 लोगों के पिता का एक ही नाम लिख दिया गया। इसके अलावा दर्जनों नाम ऐसे भी हैं जिनके पिता का नाम नहीं पता होने के कारण 'नो मेंशन' लिख दिया गया।
फोन नंबरों ने बढ़ा दी गफलत
कोरोना मरीजों की जारी सूची में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुरार अस्पताल से जारी हुई मरीजों के नाम पते की सूची में खामियां रही है। इसमें कोरोना जांच में निगेटिव आए लोगों के मोबाइल नंबर पॉजीटिव मरीजों के नाम के आगे दर्ज कर दिए गए। इससे शुक्रवार रात को गफलत की स्थिति बन गई, जो लोग निगेटिव आए थे वे भी अपने आप को संक्रमित मानकर इंसीडेंट कमांडर, एंबूलेंस स्टाफ और प्रशासन के अधिकारियों को आइसोलेशन सेंटर में भर्ती होने के फोन लगाते रहे। इससे निगेटिव रिपोर्ट वाले लोग भी दहशत में आ गए। ऐसी स्थिति में न ही वे खुद समझ पा रहे हैं और न ही अस्पताल प्रबंधन उन्हें समझा पा रहा है। अस्पताल प्रबंधन भी हैरान था कि जब जांच रिपोर्ट में वे स्वस्थ पाए गए हैं तो वे आइसोलेशन में जाने की बात क्यों कर रहे हैं। काफी देर तक गफलत की स्थिति रही। इसमें 10 से ज्यादा नंबर तो शिवपुरी में रहने वालों के थे। उन लोगों का कहना था कि उन्होंने शिवपुरी में कोरोना की जांच कराई थी। अब आधी रात को उनके पास ग्वालियर से भर्ती होने के लिए फोन आ रहे हैं।
Published on:
11 Jul 2020 03:54 pm
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