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पेट्रोल पंप पर आग से मचा हडक़ंप, अग्निशमन यंत्र लेकर दौड़े कर्मचारी

पता चलता है पंप परिसर में आग भडक़ गई है। आग विकराल रूप धारण न कर ले, इसलिए कर्मचारी पंप पर रखे अग्निशमन यंत्र लेकर भागते हैं और जिस स्थान पर आग लगी है अग्निशमन यंत्रों से उस आग पर केमिकल डाला जाता है

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पेट्रोल पंप पर आग से मचा हडक़ंप, अग्निशमन यंत्र लेकर दौड़े कर्मचारी

पेट्रोल पंप पर आग से मचा हडक़ंप, अग्निशमन यंत्र लेकर दौड़े कर्मचारी

ग्वालियर। सुबह 11 बजकर 2 मिनट हुए थे, अचानक पेट्रोल पंप के दफ्तर में खतरे का अलार्म बजने लगा। कुछ देर बाद घंटी भी बजने लगी। अलार्म सुनकर पंप पर तैनात कर्मचारी सतर्क हो गए। पता चलता है पंप परिसर में आग भडक़ गई है। आग विकराल रूप धारण न कर ले, इसलिए कर्मचारी पंप पर रखे अग्निशमन यंत्र लेकर भागते हैं और जिस स्थान पर आग लगी है अग्निशमन यंत्रों से उस आग पर केमिकल डाला जाता है। कुछ देर बाद आग बुझ जाती है, तब सब राहत महसूस करते हैं। यह नजारा मंगलवार को सेकंड बटालियन पेट्रोप पंप पर इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से गई मॉक ड्रिल का था। यहां पेट्रोल पंप डीलरों को ट्रेनिंग दी गई। उन्हें बताया अगर कभी आग लग जाए तो घबराए नहीं, सतर्कता के साथ आग बुझाएं।


इंडियन ऑयल कंपनी ने मॉक ड्रिल के लिए पेट्रोल पंप के पास एसएफ ग्रांउड को चुना था, जहां एक गहरे गड्ढे में आग लगाकर अलार्म से लेकर घंटी बजाने तक की प्रक्रिया की गई। इसके बाद पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारी वहां रखे 14 सिलेंडर लेकर आग की तरफ भागे। इन सिलेंडरों में 50 प्रतिशत मोनो अमोनियम फॉस्फेट था, जबकि दो सिलेंडर कार्बन डाई ऑक्साइड के थे।

उन्हें बताया कि सिलेंडर किस तरह खोलें और किस प्रकार आग बुझाएं। इस दौरान बटालियन की तरफ से अश्विनी पाठक, एसआइ राघवेन्द्र भदौरिया के अलावा इंडियन ऑयल की तरफ से नितिन साहू, सुरजीत सिंह, ट्रेनर अमित गौर और रिलाइबल सेफ्टी सिक्योरिटी की तरफ से मैनेजिंग डायरेक्टर जीएस बिसारिया मौजूद थे।

टैंकर खाली करते रखें यह सावधानी
ट्रेनरों ने बताया कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खाली करने आए टैंकर को बड़ी सावधानी पूर्वक खाली करना चाहिए। जिस परिसर में पंप है, उसका मुख्य गेट बंद कर देना चाहिए, उस वक्त परिसर में वाहन का प्रवेश नहीं होनी चाहिए। टैंकर की चाबी तक निकाल लेना चाहिए, मोबाइल बंद होना चाहिए। अग्निशमन यंत्र चैक कर लेना चाहिए कि वह सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।

सात जिलों के डीलर हुए शामिल
ट्रेनिंग में प्रदेश के 7 जिलों के पेट्रोल पंप डीलर शामिल हुए थे, जिनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा सहित अन्य जिलों के डीलरों ने ट्रेनिंग ली।