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परिवार ने छोड़ दी थी इस शख्स के बचने की उम्मीद, फिर हुआ चमत्कार, ग्वालियर का पहला केस

परिवार ने छोड़ दी थी इस शख्स के बचने की उम्मीद, फिर हुआ चमत्कार, ग्वालियर का पहला केस

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जयदयाल सिंह gwalior

परिवार ने छोड़ दी थी इस शख्स के बचने की उम्मीद, फिर हुआ चमत्कार, ग्वालियर का पहला केस

ग्वालियर। शहर के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने 90 साल के बुजुर्ग की ओपन हार्ट सर्जरी कर उन्हें नई जिंदगी दी है। यह पहली बार है जब इस उम्र में हार्ट सर्जरी की गई। 90 साल के जयदयाल सिंह निवासी पार्क होटल पड़ाव को जब अस्पताल में भर्ती कराया था, उस समय हार्ट की दो रक्त वाहिकाओं में 99 और एक रक्त वाहिका में 90 फीसदी ब्लॉकेज था। चिकित्सक ने जयदयाल सिंह और उनके परिवार की काउंसलिंग कर उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार किया।

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1.मरीज जयदयाल सिंह की भर्ती के वक्त सीरियस थी हालत
2. दो रक्त वाहिकाओं 99 और एक में 90 फीसदी था ब्लॉकेज

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मरीज का हौसला आया काम

16 जून को जयदयाल सिंह का ऑपरेशन किया गया, जो करीब साढ़े पांच घंटे चला। निजी हॉस्पिटल में दिल्ली के कार्डियक सर्जन डॉ. अशोक वैश्य ने डॉ. आकाश मोदी, डॉ. गौरव कवि भार्गव की मदद से सफल ऑपरेशन किया। सोमवार को जयदयाल सिंह की छुट्टी कर दी गई। बताते हैं कि जयदयाल सिंह को करीब एक साल से दिल की बीमारी की शिकायत थी। डॉ. अशोक वैश्य ने बताया कि मरीज के हौंसले की बदौलत हम इस सर्जरी को सफलतापूर्वक कर पाए।

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छोड़ चुके थे उम्मीद, घबरा गया था पूरा परिवार
जयदयाल सिंह के बेटे पीपी सिंह ने बताया कि पिता की तीन रक्त वाहिकाआं में ब्लॉकेज का पता चला, तो हम उम्मीद छोड़ चुके थे। डॉ. अशोक वैश्य से सलाह ली, तो उन्होंने चेकअप के बाद हार्ट मजबूत होने की बात कहते हुए सर्जरी के लिए कहा, सर्जरी के बाद पिता स्वस्थ हैं।