
ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में भी खुलेंगी फूड सेफ्टी लैब
ग्वालियर. वर्तमान में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए सैंपल प्रदेश की एकमात्र भोपाल स्थित लैब में भेजे जाते हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है, कारण इस लैब में काफी लोड है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में भी फूड सेफ्टी लैब खुल जाएगी। तीनों शहरों में लैब खोले जाने को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद भविष्य में ये लैब खुल सकेंगी।
साल भर में 6 हजार सैंपल की जांच
भोपाल की फूड सेफ्टी लैब में सैंपल की जांच की कैपेसिटी काफी कम है। जानकारी के मुताबिक यहां साल भर में प्रदेश भर से आने वाले करीब 6 हजार सैंपलों की जांच की जाती है। कभी-कभी काम बढ़ाए जाने पर ये आंकड़ा साढ़े सात हजार तक जा पहुंच जाता है।
30 दिन बाद आती है सैंपलों की रिपोर्ट
शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल लैब में भेज दिए जाते हैं। नियम के मुताबिक जिन सैंपलों की रिपोर्ट 14 दिन में आना चाहिए वह 25 से 30 दिन बाद आ आती है। इतने दिनों बाद रिपोर्ट आने से उसका महत्व भी खत्म हो जाता है।
प्रस्ताव भेज दिया है
"भोपाल की तरह ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में फूड सेफ्टी लैब को खोले जाने को लेकर वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। यदि स्वीकृति मिल जाती है तो तीनों शहरों में लैब खुल जाएगी। इससे भोपाल की लैब पर लोड काफी कम हो जाएगा। "
बृजेश सक्सेना, ज्वाइंट कंट्रोलर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग
Published on:
25 Jun 2019 01:46 am
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