
बेटे ने 1500 रुपए रखने को दिये, पिता से हो गए खर्च, सिर्फ इतनी बात पर बेटे ने पीट पीटकर मार डाला
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बेटे ने अपने पिता को सिर्फ इसलिये पीट पीटकर मार डाला क्योंकि, उसने अपने पिता को 1500 रुपए रखने को दिये थे और पिता को अचानक कोई जरूरत आन पड़ी, जिसके चलते उसने वो रुपये खर्च कर दिये। ये बत बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि, उसने लोहे की रॉड से पिता के सिर पर इतने वार किये कि उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है, बेटे द्वारा किये गए हमले के बाद पिता पिता गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई।
हत्या की ये सनसनीखेज वारदात शहर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के खलीफा कॉलोनी की है। बुधवार को घटी इस घटना में पुलिस ने शव को निगरानी में लेते हुए मृतक के बेटे पर हत्या का केस दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का कहना है कि, उसने गुस्से में आकर ये कदम उठाया है, वरना पिता को मारने की उसकी मंशा नहीं थी।
मूल रूप से दतिया के पर ग्वालियर में किराये से रहते थे
बता दें कि, दतिया के सेवढ़ा में रहने वाले 52 वर्षीय कमलेश शर्मा अपने बेटे सुंदरलाल के साथ खलीफा कॉलोनी में लक्ष्मीनारायण कुशवाह के मकान में किराए से रहते हैं। पिता घर पर ही रहता था, जबकि बेटा किसी दुकान पर काम करता है। सुंदरलाल ने पिता को करीब 1500 रुपए संभालकर रखने को दिये थे, वो पैसे पिता ने खर्च कर दिए। बुधवार रात जब सुंदरलाल अपने घर लौटा, तो उसने पिता से दिये हुए 1500 रुपए मांगे, जिसपर पिता ने वो रुपए खर्च होना बताए। पिता से पैसों के खर्च हो जाने की बात सुनकर बेटा इतने तेश में आ गया कि, उसने लोहे की रॉड से पिता पर ही हमला कर दिया।
कुछ देर इलाज के बाद मौत
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि, पैसे न मिलने से नाराज होकर पहले तो उसने पिता को खूब गालियां दीं और फिर पास ही पड़े सरिए से सिर पर कई बार हमला कर दिया। सिर में सरिया लगने से कमलेश लहूलुहान हो गया। पिता को घायल देख बेटा भाग गया। आसपास के रहवासी उसे घायल अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर इलाज के बाद डॉक्टरों ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया।
जिस बेटे ने सहारा दिया उसी ने मार डाला
थाटीपुर पुलिस के मुताबिक, कमलेश के सुमदरलाल के अलावा दो और बेटे हैं। जो बहोड़ापुर में रहते हैं। पिता की कुछ बुरी आदते थीं, जिसके चलते उनका कोई भी बेटा उसे अपने साथ नहीं रखता था। सुंदरलाल ही कमलेश को अपने साथ रखता था। कहने को तो सुंदरलाल ने ही बुढ़ापे के समय अपने पिता को सहारा दिया, लेकिन ये कौन जानता था कि, एक दिन सहारा देने वाला ये बेटा ही अपने पिता की मौत का कारण बनेगा।
देखें ब्लैक और व्हाइट टाइगर की मस्ती का वायरल वीडियो
Published on:
19 Aug 2021 06:37 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
