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चातुर्मास के लिए जैनमुनि ने किया मंगल प्रवेश

श्रमणी आर्यिका विसंयोजना माताजी ने कहा कि चार माह ओर चार चातुर्मास ग्वालियर में होना बड़े पुण्य का संयोग है।

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चातुर्मास के लिए जैनमुनि ने किया मंगल प्रवेश

चातुर्मास के लिए जैनमुनि ने किया मंगल प्रवेश

ग्वालियर. गणाचार्य विराग सागर की परम शिष्या आर्यिका विरम्या माता एवं श्रमणी आर्यिका विसंयोजना माता ससंघ का 2022 का भव्य चातुर्मास ग्वालियर में करने के लिए भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा रविवार को माधौगंज स्थित चितेरा ओली दिगंबर जैन मंदिर से निकाली गई। शोभायात्रा वात्सल्यमयी चतुर्मास 2022 समिति ग्वालियर, सकल दिगम्बर जैन समाज, दिगंबर वरैया जैन पाश्र्वनाथ पंचायती बड़ा मंदिर मामा का बाजार, एवं श्री श्रमण संस्कृति परमार्थ संस्थान ग्रेटर ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में गाजेबाजे के साथ निकाली गई।
आर्यिका विरम्या एवं आर्यिका विसंयोजना माताजी ससंघ के चातुर्मास के लिए भव्य मंगल प्रवेश माधोगंज स्थित चितेरा ओली जैन मंदिर से गाजेबाजे के साथ शुरू होकर मुख्य मार्गो से होते हुए मामा का बाजार स्थित ऋषभ धर्मशाला पहुंचा। शोभायात्रा में आर्यिका ससंघ की आगवानी जैन समाज के समाजजन ने की। शोभायात्रा में बालिकाएं व महिलाएं साफा पहनाकर ढोल तासे की धुन पर डांडिया नृत्य करती हुई चल रही थीं। पुरुष वर्ग सफेद वस्त्र में सिर पर टोपी पहनकर पचरंगी ध्वज व केशरिया ध्वज लेकर जयघोष लग रहे थे। मंगल प्रवेश शोभायात्रा में आर्यिका ससंघ की आगवानी जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं व समाजजनों ने घरों के आगे रंगोली सजाकर पादप्रच्छलन व दीपों से आरती उताकर मंगल आशीर्वाद लिया।


चातुर्मास साधु-संतों के लिए नहीं हर व्यक्ति के लिए है
आर्यिका विरम्या माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास केवल साधु-संतों के लिए नहीं बल्कि हर व्यक्ति के लिए होता है। धर्म, ध्यान व अध्यात्म के मार्ग पर चलने का यह विशेष समय है। इन चार माह में हर व्यक्ति को धर्म-भक्ति के पथ पर अग्रसर होना होगा। इससे पूर्व साध्वी सौम्यदर्शना ने कहा कि जिनवाणी का श्रवण करोगे तो जीवन में निश्चित परिवर्तन आएगा। श्रमणी आर्यिका विसंयोजना माताजी ने कहा कि चार माह ओर चार चातुर्मास ग्वालियर में होना बड़े पुण्य का संयोग है।