
ग्वालियर। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की चुनाव याचिका पर शासन को निर्देश दिए हैं कि 30 अक्टूबर को न्यायालय में रिकॉर्ड पेश किया जाए। इस मामले में 30 व 31 अक्टूबर को कोर्ट में गवाही होना है। विदिशा के कलेक्टर अनिल सुचारी द्वारा रिकॉर्ड नहीं लाने पर उक्त निर्देश दिए।
लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा न्यायालय में चुनाव याचिका प्रस्तुत कर कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 2013 के विधान सभा चुनाव में सिरोंज से विजयी गोवर्धन लाल उपाध्याय के चुनाव को चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव में उनके द्वारा जो साहित्य चुनाव में बंटवाया गया। उससे उन्हें नुकसान हुआ और वे चुनाव हार गए। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इस पर कलेक्टर तो उपस्थित हो गए लेकिन रिकॉर्ड नहीं लाए। इस मामले में न्यायालय में अभी तक 7 गवाहों की गवाही हो चुकी है। न्यायालय ने अब 30 व 31 अक्टूबर को प्रकरण को सुनवाई में लगाया है। इसमें स्वदेश जैन और रमेश यादव तथा लक्ष्मीकांत शर्मा की गवाही होगी।
मंत्री लाल सिंह के मामले में सीबीआई से जवाब तलब
हाईकोर्ट ने प्रदेश मंत्री लाल सिंह के मामले में सीबीआई से प्रकरण की सुनवाई पर जवाब मांगा है। पिछली सुनवाई में राज्य शासन ने जवाब पेश कर कहा था कि इस मामले की सुनवाई सीबीआई कोर्ट इंदौर में चलेगी। फिलहाल इस मामले में आर्य को कोई राहत नहीं मिली है। प्रकरण की सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी। विशेष सत्र न्यायालय भिंड द्वारा मंत्री लाल सिंह आर्य को विधायक माखन जाटव हत्याकांड में धारा 319 के तहत सह आरोपी बनाए जाने पर उन्होंने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। आर्य की ओर से कहा गया कि उन्हें सीबीआई ने आरोपी नहीं बनाया है। जबकि सीबीआई ने इस मामले में इंदौर में चालान पेश किया था। प्रकरण को सुनवाई के लिए भिंड स्थानांतरित कर दिया गया था। आर्य का कहना था कि उन्हें बिना सबूतों के आरोपी बना दिया गया था
Published on:
05 Oct 2017 11:17 am
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