
ग्वालियर। एक दिन पहले तक ग्वालियर-चंबल के बीहड़ों में गुर्राने वाला डकैत गुड्डा गुर्जर जेल में रात भर सो नहीं पाया। यहां पहुंचते ही उसकी नींद ऐसी उड़ी कि वह करवटें ही बदलता रहा। गौरतलब है कि रात 11 बजे उसे ट्रॉमा में भर्ती किया गया। यहां पूरी रात में वो केवल दो घंटे ही सोया। जबकि गोली लगने के बाद डॉक्टरों ने उसे दर्द न होने के लिए इंजेक्शन दिया था। उसके असर से बार-बार उसकी पलक झपक रही थी, लेकिन वह करवट ही बदलता रहा।
उड़ गई भूख
पुलिस के हाथ से वह कुछ भी नहीं खा रहा है। सुबह उसे चाय के साथ बिस्किट दिए गए। क्योंकि उसे दवा खिलानी थी, इसलिए उसके मना करने के बाद भी उसे दलिया खिलाया गया। उससे पूछा जा रहा है कि उसे क्या खाना है, लेकिन वो कुछ नहीं बोल रहा।
60 हजार रुपए का इनामी था डकैत
आपको बता दें कि पहले मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह ने 60 हजार रुपए के इनामी गुड्डा गुर्जर पर चंबल अंचल की पुलिस को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि 23 साल से चंबल में गुड्डा सक्रिय है। इससे अंचल की छवि खराब होती है और विकास प्रभावित होता है। इसके बाद गुड्डा डकैत का सफाया करने के लिए मुरैना, श्योपुर की पुलिस जंगल में सर्चिंग कर रही थी। लेकिन, श्योपुर और मुरैना पुलिस सर्चिंग करती ही रह गई और डकैत गुड्डा ग्वालियर की क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। बुधवार रात पुलिस ने ग्वालियर के घाटीगांव में डाराखिरक व भंवरपुरा के बीच बसौटा के जंगल में डकैत गुड्डा को एनकाउंटर करने की कोशिश की, लेिकन उसके पैर में गोली लगी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की गिरफ्त में आते ही गुड्डा गुर्जर की दहशत का जलवा खामोशी में बदल गया। उसकी स्थिति यह हो चुकी है कि अब वह खुद इतना डरा हुआ है कि हर किसी को गौर से देखता है। कुछ खाने को दिया जाता है तो कई बार उसे चेक करके खा रहा है।
Published on:
10 Nov 2022 06:23 pm
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