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एसआइआर: मोघिया व आदिवासियों के पास नहीं दस्तावेज, एईआरओ के सामने समग्र आइडी व आधार ही पेश कर पा रहे

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नो मैपिंग मतदाताओं का पक्ष सुना जा रहा है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में मतदाता सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष पहुंचे, लेकिन उनके पास चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेज मौजूद नहीं है। आधार कार्ड व समग्र आइडी ही पेश कर पा रहे हैं। ऐसे […]

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सिंधिया नगर में निवास करने वाले अधिकतर मतदाताओं के पास दस्तावेज नहीं

सिंधिया नगर में निवास करने वाले अधिकतर मतदाताओं के पास दस्तावेज नहीं

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नो मैपिंग मतदाताओं का पक्ष सुना जा रहा है। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में मतदाता सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष पहुंचे, लेकिन उनके पास चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेज मौजूद नहीं है। आधार कार्ड व समग्र आइडी ही पेश कर पा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सात दिन का समय और दिया गया है। इसमें आदिवासी व मोगिया जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है, जिनके पास दस्तावेज नहीं है और वोट कहां डालते थे, वह भी याद नहीं है। वर्तमान में मौजूद नाम की जानकारी उन्हें।

दरअसल कलेक्ट्रेट सहित शहर के अलग-अलग स्थानों पर नो मैपिंग वाले मतदाताओं का पक्ष सुना जा रहा है। एआरओ के समक्ष मतदाताओं की भीड़ लग रही हैं। लंबी कतार में इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले बीएलओ ने इनका इंतजार किया था, तब दस्तावेज नहीं दिए। अब मतदाता कतार में लग गया है। जो मतदाता दस्तावेज पेश नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज में एक पहचान पत्र पेश करने के लिए 7 दिन का समय और दिया गया है। अभी उनके वोट नहीं कटे हैं।

दूसरे जिलों से ग्वालियर आए

शहर में दूसरे जिले से लोग आकर बस गए हैं, लेकिन उनके पास भू अधिकार ऋण पुस्तिका भी नहीं है। न जमीन है। झोपड़पट्टी बनाकर रहे हैं। इस कारण घर का नंबर भी नहीं मिल सका है।

- ग्वालियर पूर्व विधानसभा में सबसे ज्यादा मतदाता नो मैपिंग हुआ है। इस विधानसभा में दूसरे जिलों के निवासी अधिक है। मजदूर वर्ग भी है, जिसके पास दस्तावेजी रिकॉर्ड नहीं है।

- जो नोटिस भेजा गया है, वह भी नहीं पढ़ पा रहे हैं। मतदाता आकर दलील दे रहे हैं कि हमें इतनी समझ नहीं है। हमारे पास सिर्फ आधार व समग्र आइडी है।