
पैंसिल पैक करो घर बैठे पैसा कमाओ यह जुम्ला सुनाकर जालसाजों ने फिर जरूरतमंद गरीब परिवार का पैसा ठग लिया। उनकी बातों में फंसकर मजदूर ठेकेदार से उधार रुपया लेकर भेजता रहा। 13 हजार रुपया ठगों के खाते में ट्रांसफर करने के बाद उसकी समझ में आया कि धोखा हो गया। तब पुलिस को बताया। लेकिन उसकी शिकायत को वहां भी अनसुना कर दिया गया। हताश होकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तब ठगों पर एफआइआर हुई। 27 दिन पहले यही कहानी सुनाकर ठगों ने महलगांव की गली नंबर तीन (विश्वविद्यालय) में रहने वाली राधा परिहार से 20 हजार रुपया ठगा था। राधा ने घर बैठे कमाई के लालच में फंसकर जमा पूंजी के अलावा गहने गिरवी कर रख ठगों को पैसा दिया था फिर हताश होकर फांसी लगाई थी।
750 रुपए से शुरू हुए ठग, पैसा लेते रहे
मजदूरी कर गुजर बसर करता हूं। एक दिन पत्नी मोबाइल फोन पर वीडियो देख रही थी। उसमें हिंदुस्तान पैंसिल कंपनी के नाम से विज्ञापन आया। उसमें लिखा था पैंसिल पैक करो घर बैठे पैसा कमाओ। पढक़र पत्नी ने फोन कर दिया। एक कॉल आफत बन गया। फोन रिसीव करने वालों ने कहा हिंदुस्तान पैंसिल कंपनी से जुडो। मजदूरी बंद कर दो। सिर्फ घर बैठे पैंसिल पैक करना है। रोज कम से कम एक हजार रुपया मिलेगा। उसके बदले एक पैसा नहीं देना है।
कंपनी का कर्मचारी घर पर कच्चा माल देकर और बना हुआ ले जाएगा। बातों में फंसाकर ठगों ने कहा सिर्फ 750 रुपया जॉब कार्ड का देना पड़ेगा उसके बाद कोई खर्चा नहीं है। 30 हजार रुपए महीने की कमाई के लालच में आकर 750 रुपया ठगों को पेटीएम कर दिया। ठगों को बताया वह मजदूर हैं। उसके साथ धोखा मत करना। ठगों ने कसमें खाईं कि कंपनी धोखा नहीं देती। इसलिए भरोसा कर 750 रुपया जॉब कार्ड के लिए भेज दिया। पैसा लेकर ठग बोले एक मुश्त 750 रुपया नहीं भेजना था। पहले 700 फिर 50 रुपया भेजना था दोबार पैसा भेजो। फिर कच्चे माल का वाहन फंसने का हवाला देकर पैसा लिया। ऐसे हर दिन नई कहानी सुनाकर बदमाशों ने कुल 13 हजार रुपया ऐंठ लिया। उसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ तब अपना पैसा मांगा तो उन्हें जवाब मिला कि पैसा वापस नहीं मिलता। जाओ अब जाकर पुलिस से शिकायत करो।
(जैसा संतोष जाटव निवासी गुढागुढी का नाका ने पत्रिका को बताया )
पश्चिम बंगाल से आए कॉल
पुलिस का कहना है कि संतोष को ठगने वालों की पहचान तो नहीं हुई है। उसके पास आए फोन कॉल और जिन खातों में संतोष ने पैसा भेजा है वह पश्चिमी बंगाल के हैं। फोन नंबर और बैंक खातों के आधार पर ठगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
Published on:
20 Jan 2024 11:33 am
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