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शक्ति की भक्ति आज से होगी शुरू, हस्त नक्षत्र में धनवान, बलवान बनाएगी मां

आश्विनी मास की नवरात्र महोत्सव आज रविवार से शुरू होने जा रहा है। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को माता जगत जननी की उपसान में शहर वासी लीन हो जाएगी। मां भगवती का आगमन हस्त नक्षत्र, ब्रह्म योग में होगा। इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में उदय होने पर शक्ति की उपासना करने वालों को धनधान, सुख-समृद्धि व वैभव की प्राप्ति होगी।

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आश्विन शारदीय नवरात्र : माँ दुर्गा की संपूर्ण शास्त्रोंक्त पूजा विधि

आश्विन शारदीय नवरात्र : माँ दुर्गा की संपूर्ण शास्त्रोंक्त पूजा विधि

ग्वालियर। आज रविवार से शुरू होने जा रही नवरात्र उत्सव में मां शक्ति की आराधना पूरे नौ दिन चलेगी। मां की पूजा-अर्चना का सिलसिला दिन रात श्रद्धालु करेंगे। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। प्रतिपदा तिथि यानी आज 29 सितंबर को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त घर-घर उपासकों द्वारा की जाएगी। पहले दिन कलश स्थापना के साथ देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसी क्रम में हर रोज क्रमश: नौ रुपों की पूजा अर्चना की जाएगी। नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छटवें दिन कत्यायिनी, सातवेंं दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नवमं दिन सिद्धिदात्री की पूजा होगी।
पांडालों में दिन-रात होगी शक्ति की भक्ति
नवरात्र उत्सव को लेकर शहरभर में मां के पांडाल सजधज कर तैयार हो गए। सुबह घट स्थापना के साथ ही माता की प्रतिमाएं स्थापित होगी। इसके साथ ही जबारे बोए जाएंगे। यहां दिन-रात पूजा-अर्चना श्रद्धालुओं द्वारा की जाएगी। यह सिलसिला पूरे नौ दिन तक चलेगा। इसी तरह घरों में भी माता की चौकी सजेंगी। भगवती के दरवार लगाए जाएंगे। इस दिन सामूहिक व एकल तौर पर रात्रि जागरण होगा।
देवी मंदिरों पर लगेगा मेला
नवरात्र से पहले देवी मंदिरों पर उत्सव की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। कही अखंड पाठ होगा तो कही दुर्गा सप्तशति की पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। नौ दिन तक घरों में अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी। महिला-पुरूष व्रत उपवास करेंगे। शहर के प्राचीन मंदिर महलगांव स्थित करौली वाली माता, माढऱे की माता, शीतला माता, पहाड़ा वाली माता, भेलसा वाली माता, नहर वाली माता, वैष्णो देवी, काली माता सहित कई मंदिरों मेला लगेगा। दिन-रात यह मंदिरों पर श्रद्धालुओं का दर्शनों का तांता लगा रहेगा। लोगों द्वारा श्रद्धाभाव से दानपुण्य किया जाएगा।
सुबह साढ़े नौ बजे से १२ बजे तक होगी घट स्थापना
पंडित श्रीकृष्ण मुसलगांवकर के मुताबिक इस बार शक्ति की उपासना हस्त नक्षत्र में होगी। सूर्य भी हस्त नक्षत्र में रहेगा। हस्त नक्षत्र यानी हाथी पर सवार होकर मां आएगी। मां का स्वरूप लक्ष्मी का होगा। नवरात्र महोत्सव किसान, व्यापार, देश के लिए सुख-समृद्धि देने वाला होगा। आज घट स्थापना के समय सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग का शुभ संयोग बन रहे हैं। पंचांग के मुताबिक सुबह के समय घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 9 बजकर 15 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर के समय 1 बजकर 45 मिनट से लेकर 3 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। वही शाम के समय का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।