
ground water level will fall
ग्वालियर. शहर के आस-पास के क्षेत्र में बने बांधों के कैचमेंट एरिया में कॉलोनियों का निर्माण का प्रस्ताव है। इससे भविष्य में शहर के कई क्षेत्रों का भू-स्तर गिरेगा। यहां कॉलोनी बनने से पानी बांध में पहुंचेगा नहीं और घरों का गंदा पानी इन बांधों में एकत्र होगा। कॉलोनी का पानी शुद्धिकरण के लिए इन बांधों में साफ पानी आए इसलिए एसटीपी प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
नगर पालिका निगम के अंतर्गत नवीन जोड़े गए वार्ड-61 से 66 में रियासतकालीन एवं शासन के अधीन निर्मित विभिन्न बांध जो ग्वालियर नगर निगम क्षेत्रों के बाढ़ नियंत्रण और भूजल पुर्नभरण रीचार्ज के लिए बनाए गए थे। इनमें खेरिया बांध, रायपुर बांध, अलापुर बांध, रमौआ बांध, बडागांव बांध, जडेरूआ बांध, जलालपुर बांध, वीरपुर बांध, गिरवाई बांध, हनुमान बांध शामिल थे। इसके अलावा इस क्षेत्र में लगभग 257 कुए बाबडियां भी हैं। जिनके माध्यम से कुएं, बाबडियों का पानी रीचार्ज होकर शहर की पेयजल व्यवस्था संचालित करता था।
विगत वर्षों में शहर में हुए अनुयोजित विकास व अवैध रूप से विकसित हो रहे रिहायसी क्षेत्रों एवं औघोगिक इकाइयों के परिणाम स्वरूप उक्त बांधों के मूल अस्तित्व पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर पूर्व विधानसभा के अलापुर बांध के भराव एवं सह केचमेंट क्षेत्र में कुछ निजी तथा शासकीय संस्थाओं जैसे ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा अलापुर बांध के अपस्ट्रीम रिहायसी कॉलोनियों के विकास के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाकर योजना बनाई जा रही है। उक्त योजना के निर्मित होने से अलापुर बांध जो कि ग्वालियर पूर्व के हृदय स्थल से गुजरने वाली मुरार नदी का एक उद्गम स्त्रोत है। यदि उक्त बांध के ऊपर रिहायसी एवं औघोगिक इकाइयों का निर्माण किया गया तो उपरोक्त रिहायशी कॉलानियों से निकलने वाले प्रदूषित जल सह ठोस अपशिष्ट जो बहकर अलापुर बांध में इकटठा होगा, जिसके परिणाम स्वरूप अलापुर बांध में रिहायशी कॉलोनीयों से आने वाले गंदे पानी के कारण अलापुर बांध का वर्तमान स्वरूप प्रदूषित होगा। साथ ही मुरार नदी में अलापुर बांध से आने वाले प्रदूषित पानी प्रवाह के कारण मुरार क्षेत्र के निवासियों को भू-जल के माध्यम से प्राप्त होने वाला पानी दूषित गुणवत्ता का प्राप्त होगा। जो कि जन स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होगा।
नगर निगम के आस-पास जितनी भी जल संग्रहण की संरचनाएं हैं उनके संरक्षण की दृष्टि से भराव क्षेत्र से ऐसी रिहायशी एवं व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है यदि आवसीय एवं व्यवसायिक गतिविधिया संचालित करनी है तो इस क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित गंदे पानी के शुद्धिकरण के लिए अलापुर बांध सहित अन्य बांधों पर एसटीपी प्लांट लगाए की व्यवस्थाएं की जाए।
- मुन्नालाल गोयल, मप्र बीज निगम अध्यक्ष
Published on:
01 Jan 2023 09:13 pm
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