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जिन अतिथि शिक्षकों ने 2022 में सहायक प्राध्यापक के लिए फॉर्म भरे थे, उन्हें भी आयु सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सहायक प्राध्यापक की भर्ती परीक्षा को लेकर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिसंबर 2022 में जिन अतिथि शिक्षकों ने सहायक प्राध्यापक के लिए आवेदन भरा था, उन्हें भी आयु सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान अभ्यार्थियों को छूट न देकर उनके साथ अन्याय होगा। जस्टिस आनंद पाठक ने इस मामले में फैसला दिया है।

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जिन अतिथि शिक्षकों ने 2022 में सहायक प्राध्यापक के लिए फॉर्म भरे थे, उन्हें भी आयु सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी

जिन अतिथि शिक्षकों ने 2022 में सहायक प्राध्यापक के लिए फॉर्म भरे थे, उन्हें भी आयु सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी

हाईकोर्ट में रश्मि चौधरी सहित अन्य 9 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनकी ओर से अधिवक्ता प्रतीप विसोरिया ने तर्क दिया कि पीएससी ने सहायक प्राध्यापक की भर्ती के लिए 2022 में फॉर्म भरवाए थे। फॉर्म भरने के बाद परीक्षा नहीं कराई। हर बार तारीख बढाई गई। उच्च शिक्षा विभाग ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जो भविष्य के बारे में बता रहा है। उस आदेश के अनुसार आगे जो नई परीक्षाएं होंगी। उन परीक्षाओं अतिथि विद्वानों को आयु सीमा में 10 साल की छूट दी जाएगी। इस आदेश में भविष्य की बातें की जा रही हैं। जबकि 2022 की परीक्षा नहीं हुई है। इस परीक्षा के अभ्यार्थियों को आयु सीमा में 10 साल की छूट दी जाए। कोर्ट ने 6 फरवरी को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।

क्या है मामला

दरअसल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) की भर्ती के लिए 30 दिसंबर 2022 को पीएससी ने विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यार्थियों ने अपने फॉर्म भर दिए, लेकिन परीक्षा नहीं हुई। परीक्षा की तारीख बढ़ती रही। इसी बीच 6 अक्टूबर 2023 को उच्च शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया। इसमें फैसला लिया कि सहायक प्राध्यापक की भविष्य में जो भर्ती होगी। उस भर्ती में अतिथि शिक्षकों आयु सीमा में 10 साल की छूट दी जाए।

अब अभ्यार्थियों की बढ़ सकती है संख्या