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सर्वार्थ सिद्धि योग में गुप्त नवरात्र का आरंभ कल से, होगी शक्ति की अर्चना

साल की पहली गुप्त नवरात्र के लिए मंदिरों में तैयारियां

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ग्वालियर. शक्ति की साधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाने वाला इस वर्ष का पहला माघ माह का गुप्त नवरात्र 22 से 30 जनवरी तक मनेगा। गुप्त नवरात्र पर घरों व मंदिरों में घट स्थापना व मां दुर्गा का पूजा-पाठ और व्रत किया जाएगा। नवरात्र का शुभारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा, जो पूरे नौ दिन शुभ फलदायी रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ.हुकुमचंद जैन के मुताबिक माघ माह के शुक्ल पक्ष के गुप्त नवरात्र में घटस्थापना का मुहूर्त 22 जनवरी को सुबह 7.15 से 10.46 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.11 से 12.54 बजे तक रहेगा। गुप्त नवरात्र में दस महा विद्याओं की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रतिपदा से लेकर नवमीं तिथि तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।


कौन सी तिथि को किस देवी स्वरूप की पूजा
प्रतिपदा तिथि 22 जनवरी : मां शैलपुत्री की पूजा
द्वितीया तिथि 23 जनवरी : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
तृतीया तिथि 24 जनवरी : मां चंद्रघंटा की पूजा
चतुर्थी तिथि 25 जनवरी : मां कूष्मांडा की पूजा
पंचमी तिथि 26 जनवरी : मां स्कंदमाता की पूजा
षष्ठी तिथि 27 जनवरी : मां कात्यायनी की पूजा
सप्तमी तिथि 28 जनवरी : मां कालरात्रि की पूजा
अष्टमी तिथि 29 जनवरी : मां महागौरी की पूजा
नवमी तिथि 30 जनवरी : मां सिद्धिदात्री की पूजा
दशमी 31 जनवरी : नवरात्र का पारण


साल में 4 नवरात्र, जिनमें दो गुप्त
साल में कुल 4 नवरात्र होते हैं, जिनमें माघ और आषाढ़ की दो नवरात्र को गुप्त नवरात्र माना गया है। इनमें विशेष रूप से तंत्र-मंत्र सिद्धि साधना की जाती है। इन दिनों तांत्रिक मंत्रों की सिद्धि करते हैं। दो प्रकट नवरात्र होती हैं, इनमें एक चैत्र में गुड़ी पड़वा से शुरू होती है, दूसरी अश्विन माह में होती है, इसे शारदीय नवरात्र कहा जाता है।