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ग्वालियर से दो खेप में उड़े थे 12 मिराज,ऑपरेशन की तैयारी की ये है पूरी कहानी

ग्वालियर से दो खेप में उड़े थे 12 मिराज,ऑपरेशन की तैयारी की ये है पूरी कहानी

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ग्वालियर से दो खेप में उड़े थे 12 मिराज,48 घंटे पहले शुरू हो गई थी ऑपरेशन की तैयारी,ये है पूरी सच्चाई

ग्वालियर। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ग्वालियर एयरबेस से 12 लड़ाकू विमान मिराज-2000 दो खेप में रवाना हुए थे। इसके लिए यहां 48 घंटे से तैयारी चल रही थी। मंगलवार को तडक़े ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद सभी मिराज अपने बेस कैंप पर वापस लौट आए हैं। पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के बाद एयरफोर्स एरिया में हाई अलर्ट किया गया है। ग्वालियर एयरबेस में सिर्फ वायु सेना के जवानों को ही आने-जाने की अनुमति दी गई है। बाहरी लोगों और ठेके के मजदूरों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।

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पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डे खत्म करने के लिए लड़ाकू विमान वायुसेना के किस एयरबेस उड़े थे, इसे लेकर कई तरह के कयास हैं, क्योंकि वायुसेना ने इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। हालांकि वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि इसकी प्लानिंग 48 घंटे पहले हो गई थी, इसके लिए ग्वालियर एयरबेस पर तैनात मिराज के एक स्क्वाड्रन को चुना गया था।

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रविवार शाम 7 बजे के बाद 8 मिराज-2000 को मिशन के लिए गोपनीय ठिकाने पर भेजा गया। उनके वहां सुरक्षित पहुंचने के बाद दूसरी खेप में 4 लड़ाकू विमानों को रात करीब 1:40 बजे रवाना किया गया। एयर स्ट्राइक के लिए जो ठिकाना तय था, पूरी स्क्वाड्रन वहां पहुंच गई तब उन्हें पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए रवाना किया।

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पूरे देश में जश्न पर एयरबेस के पास सन्नाटा
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर पुलवामा हमले का बदला लेने पर पूरे देश में जश्न है, लेकिन महाराजपुरा एयरबेस के आसपास सन्नाटा है। एयरबेस के पास रहने वाले बंटी कहते हैं कि वायुसेना के लड़ाकू विमान हमारे गांव के ऊपर से ही निकलते हैं। रविवार रात को एक साथ कई विमानों के उड़ान भरने की आवाजें सुनी थीं, लेकिन यह यहां आए दिन की बात है, इसलिए यह नहीं समझे कि हमारे लड़ाकू विमान आतंकियों को मारने गए हैं।

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मंगलवार सुबह से एयरफोर्स स्टेशन में मजदूरों की आवाजाही भी बंद कर दी है। गांव के बहुत सारे लोग यहां ठेके पर मजदूर हैं। ठेकेदार ने सुबह इन लोगों को काम पर आने से मना कर दिया। उनसे कहा गया है कि काम कितने दिन बंद रहेगा, अभी नहीं बता सकते।

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गांव के दूसरी तरफ भरी उड़ान
एयरफोर्स स्टेशन के पास गुमटी चलाने वाले राजकुमार कहते हैं कि आधी रात को विमानों के उड़ान भरने की आवाज सुनी थी। आमतौर पर लड़ाकू विमान गांव के ऊपर से निकलते हैं, लेकिन रात को विमान गांव के ऊपर से नहीं निकले, आवाज से अहसास हुआ था कि विमान दूसरी दिशा में गए हैं।