
पटाखों से जहरीली हुई ग्वालियर की आबोहवा ......एक्यूआई भी 400 पार पर पहुंचा
ग्वालियर। त्योहार पर प्रतिबंध के बावजूद दीपावली की रात को शहर में जमकर पटाखे फोड़े गए। इससे ग्वालियर में वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ा और प्रदूषण के लिए चार स्थान पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए लगाई गई एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) भी 300 के पार रहा। इसमें डीडी नगर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां एनवायरमेंट (ईएनवी) अलर्ट एप पर एक्यूआई 412 रहा तो महाराज बाड़ा 384, फूलबाग 378 व सिटी सेंटर 357 रहा। इसमें प्रमुख रूप से पीएम (पर्टिकुलेट मेटर)-10 के आंकड़ों में बढोत्तरी देखी गई। हालांकि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की वेबसाइट, पोर्टल समीर एप और ईएनवी अलर्ट एप पर अलग-अलग आंकड़े दिखाई दिए। लेकिन तीनों में ग्वालियर का आंकड़ा 300 के पार रहा। ऐसे में ग्वालियर क्षेत्र की हवा अधिक जहरीली हो गई है और उसे सही होने में करीब 10 से 15 दिन लग सकते है।
मानक में 6 से 7 गुना तक हुई बढोत्तरी
समीर एप पर दीपावली की रात को ग्वालियर 297 रहा तो एनवायरमेंट अलर्ट पोर्टल डीडी नगर क्षेत्र में 412, महाराज बाड़ा 384, सिटी सेंटर 357 और फूलबाग क्षेत्र 376 के स्तर पर एक्यूआई रहा। जानकारों के अनुसार वायु प्रदूषण के एक्यूआई में 6 से 7 गुना तक बढ़ोत्तरी देखी गई और मानक स्तर पर एक्यूआई 100 रहता है व इससे ऊपर जाता है तो मानव के लिए नुकसान दायक है। क्योंकि इस श्रेणी में प्रदूषण होने पर बच्चों व बुर्जुगों का दम घुटने के साथ ही आंखों में जलन व सांस सहित अन्य रोग पैदा होने का खतरा बना रहता है। हालांकि यदि हवा चलती है तीन से चार दिन में सामान्य हो जाएगा।
ये है आंकड़े
स्थान एक्यूआई पीएम10 पीएम2.5
डीडी नगर 412 352.10 265.21
सिटी सेंटर357 254.19 193.70
फूलबाग 376 262.50 219.41
महाराजा बाडा384 339.54 228.94
नोट : आंकड़े में पीएम 10 व पीएम 2.5 की मात्रा माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर में है। पीएम-10 का निर्धारित मानक 100 व 2.5 का 60 है।
ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ा तीन से चार गुना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने शहर के चार स्थानों पर बाडा, डीडी नगर, जेयू व फूलबाग पर प्रदूषण की और तीन स्थान जेयू, डीडी नगर व महाराज बाड़े पर ध्वनि प्रदूषण की मॉनिटरिंग कराई जो की मानक से छह से सात गुना अधिक निकली। हालांकि विभाग का दावा है कि 12 नवंबर को ध्वनि प्रदूषण में औद्योगिक क्षेत्र (डीडी नगर में 70 डेसीबल, जेयू आवासीय क्षेत्र में 55 और महाराज बाडा व्यावसायिक क्षेत्र में 65 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। जबकि इन क्षेत्रों में ध्वानि प्रदूषण में तीन से चार और प्रदूषण में 6 से 7 गुना अधिक वृद्दि देखी गई।
क्या होता है एक्यूआई
वातावरण में वायु प्रदूषण की मात्रा को मापने के लिए एक्यूआई यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स का इस्तेमाल किया जताा है। एक्यूआई की वैल्यू जितनी अधिक होती है वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही ज्यादा होता है। बता दें कि कई मशीन के माध्यम से हवा का सैंपल लिया जाता है और उसमे से ओजोन, पीएम 10 व 2.5, कार्बन मोनेऑक्साइड,सल्फरडाइ ऑक्साइड,नाइट्रोजन डाई ऑक्साइडल व अमोनिया की मात्रा को निकालकर एक फॉर्मूले में रखा जाता है। उससे जो वैल्यू आती है उसे एक्यूआई कहा जाता है।
एक्यूआई का पैमाना
-0 से 50 होने पर गुड श्रेणी
-51 से 100 पर संतोषजनक
-101 से 200 तक मॉडरेट
-201 से 300 में पुअर श्रेणी
-301 से 400 पर सीवर श्रेणी
-400 से 500 पर काफी खतरनाक
ऐसे बचा जा सकता है प्रदूषण से
बच्चे व वृद्द मास्क लगाकर रखें, जर्जर-बदहाल सडक़ व डिवाइडरों पर प्रतिदिन पानी का छिडक़ाव कराया जाए, फाउंटने का चालू रखा जाए,कचरे का संग्रहण प्रॉपर किया जाए,खुले में कचरा न जलाया जाए और सभी निर्माण कार्य को ढंककर ही किया जाए।
"दीपावली पर आतिशबाजी अधिक फोड़े जाने से शहर का वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण निश्चित रूप से बढ़ा है। प्रत्येक एप व पोर्टल की अलग-अलग टाइम से शुरुआत होती है इसलिए अलग-अलग आंकड़े दिखा रहा है। टीम ने सभी जगह पर मॉनीटरिंग की है और अब सैंपल को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो-तीन दिन में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।"
आरआर सेंगर, क्षेत्रीय अधिकारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
"पटाखे अधिक फोड़े जाने से एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही रात के तापमान में गिरावट आने से और हवा की गति में कमी होने से प्रदूषक तत्वों व गैसों के प्रसार की दर कम हो जाती है, इससे भी एयर क्वालिटी बढ़ जाती है। एक सप्ताह में हवा की गति में वृद्दि होने से पहले जैसी सामान्य स्थिति हो जाएगी।"
प्रो हरेंद्र शर्मा, विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान जेयू
Published on:
14 Nov 2023 07:21 pm
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