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BADMINTON ACADEMY GWALIOR:  सिर्फ नाम से चल रही कोचिंग, ट्रेनिंग नहीं देते चीफ कोच पुलेला गोपीचंद

बैडमिंटन अकादमी ग्वालियर: सिर्फ नाम से चल रही कोचिंग, ट्रेनिंग नहीं देते चीफ कोच पुलेला गोपीचंद

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pulela gopichand

विकास त्रिपाठी @ ग्वालियर

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल परिसर में बैडमिंटन अकादमी संचालित की जा रही है। खेल विभाग ने पुलेला गोपीचंद को चीफ कोच एवं एडवाइजर तो नियुक्त किया है, लेकिन वो सिर्फ नाम के लिए हैं। हैदराबाद स्थित उनकी अकादमी से सहायक कोच ही बच्चों को ट्रेनिंग देते हैं। ऐसे में बच्चों को गोपीचंद द्वारा प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है।


खेल विभाग का अजीब तर्क
गोपीचंद के नहीं आने पर खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार गोपीचंद के पास समय नहीं है। उनके साथ हमारा जो एमओयू हुआ है उसमें वो हमें कोच उपलब्ध कराते हैं और कुछ बच्चों को हैदराबाद स्थित अकादमी में ट्रेनिंग भी देते हैं, लेकिन यहां सवाल सभी बच्चों का है। अकादमी में अगर गोपीचंद महीने में एक या दो बार भी आएं तो सभी बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है, जबकि हैदराबाद में तो गोपीचंद द्वारा सिर्फ ५-६ बच्चों को ही चुनकर ले जाया जाता है।

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कोचिंग पर हर माह 1.5 लाख खर्च
खेल विभाग द्वारा एमओयू के अनुसार हर माह 1.5 लाख रुपए दिए जाते हैं। इसके एवज में गोपीचंद द्वारा एक कोच मुहैया कराया जाता है। प्रदेश की यह एकमात्र अकादमी है, जहां चीफ कोच सिर्फ नाम के लिए ही बने हैं और सहायक कोच प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं हॉकी अकादमी में चीफ कोच के अलावा दो सहायक कोच भी हैं, जो कि खिलाडिय़ों को प्रशिक्षित करती हैं। यही कारण है कि हॉकी अकादमी की खिलाड़ी बेहतर परफॉर्म कर रही हैं।

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2009 में हुई स्थापना

पुलेला गोपीचंद राज्य बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत २००९ में खेल परिसर में की गई। यहां शुरू में २४ सीटें थीं, जिन्हें अब बढ़ाकर ४५ कर दिया गया है। अकादमी में अंडर १४ बच्चों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है। खेल विभाग एवं पुलेला गोपीचंद में करार हुआ, जिसमें गोपीचंद को ग्वालियर में बच्चों को टे्रनिंग देगें। शुरुआत में तो गोपीचंद आए भी, लेकिन बाद में उन्होंने अकादमी आना बंद कर दिया। बीच में दो वर्ष तक अकादमी बंद भी रही। इसके बाद गोपीचंद चीफ कोच एवं एडवाइजर तो हैं, लेकिन कोचिंग देने नहीं आते। गोपीचंद हैदराबाद स्थित अपनी निजी अकादमी से सहायक कोच को टे्रनिंग के लिए अकादमी में भेज देते हैं।

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पुलेला गोपीचंद के साथ हमारा एमओयू कोच और गाइड करने का है। उनके द्वारा अकादमी में कोच उपलब्ध कराया जाता है। वो चीफ कोच एवं एडवाइजर हैं, लेकिन इसके लिए कोई फीस नहीं लेते हैं।
बीएस यादव, संयुक्त संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग

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नेशनल वालीबॉल कैंप शुरू
ग्वालियर द्य बहरनी के मनामा में 21 से 28 जुलाई तक आयोजित होने वाली जूनियर एशियन वालीबॉल चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट करने वाली इंडिया टीम का कैंप रविवार से एलएनआईपीई में शुरू हुआ। पहले दिन रिपोर्टिंग टाइम था और सभी २४ खिलाडि़यों ने कैंप में मुख्य कोच को रिपोर्ट किया। मुख्य कोच प्रो. अभिमन्यु सिंह एवं दो सहायक कोच कैंप में खिलाडि़यों के खेल को और निखारने का कार्य करेंगे। १९ जुलाई तक चलने वाले कैंप के बाद इंडिया टीम बनाई जाएगी जो कि एशियन चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट करेगी। सोमवार से कैंप में खिलाडि़यों के फिटनेस, टेक्निक आदि सुधारने का कार्य शुरू होगा।

इंटर क्लब गल्र्स टूर्नामेंट 17 से
ग्वालियर। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा सीनियर इंटर डिवीजन गल्र्स वनडे क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन १७ मई से किया जाएगा। ग्रुप ए के सभी मैच कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम पर खेले जाएंगे। टूर्नामेंट को तीन ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में ग्वालियर के साथ जबलपुर, भोपाल और सागर को रखा गया है। ग्वालियर का पहला मुकाबला सागर से १७ अप्रैल को खेला जाएगा। १८ अप्रैल को दूसरा मैच ग्वालियर और जबलपुर के बीच मैच खेला जाएगा। १९ अप्रैल को ग्वालियर का आखिरी लीग मैच भोपाल से होगा। ग्रुप ए के सभी मैच ग्वालियर में होंगे। ग्रुप बी के मैचरीवा में और ग्रुप सी के उज्जैन में खेले जाएंगे। गौरतलब है कि पहले टूर्नामेंट ५ मई से होना था लेकिन ऑल इंडिया वुमंस टूर्नामेंट के तारीख से टकराव के चलते एमपीसीए ने टूर्नामेंट की तारीख में बदलाव कर दिया।