
ग्वालियर। प्रदेश की सेंट्रल जेलों में नशे और मोबाइल फोन पर कंट्रोल के लिए जेल महकमा तमाम पैंतरे अपना रहा है। अब तय किया है कि जेल के मेनगेट पर मोबाइल और बॉडी स्कैनर लगेंगे। इसमें मोबाइल स्कैनर लगाने की कवायद जल्द शुुरू हो रही है।
जबकि बॉडी स्कैनर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जेल के अंदर मोबाइल की घंटी नहीं बजेगी, इसलिए जेल मुख्यालय जेलकर्मियों पर भी मोबाइल जेल की चाहर दीवारी के अंदर ले जाने पर रोक लगाएगा। एडीजीपी जेल गाजीराम मीणा ने बताया ग्वालियर जेल में बंदियों तक नशा और मोबाइल फोन पहुंचने के कई मामले सामने आए हैं, इसलिए ग्वालियर, भोपाल और इंदौर के सेंट्रल जेल के दोनों दरवाजों पर मोबाइल स्कैनर लगेंगे।
एक स्कैनर पहले गेट पर लगेगा, जबकि दूसरा करीब १५ फीट की दूरी पर जेल के अंदर दाखिल होने वाले दरवाजे पर लगाया जाएगा। इसका फायदा होगा कि अगर कोई भी मोबाइल फोन को अंदर ले जाने की कोशिश करेगा उसे गेट पर ही पकड़ा जाएगा। प्रस्ताव पास होने पर बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे तो कपडे़ और सामान में नशे को छिपा कर ले जाने का धंधा भी पकड़ा जाएगा।
कैसे पहुंच रहे मोबाइल
जेल एडीजीपी मीणा सोमवार को सेंट्राल जेल का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने बताया जेल की चाहरदीवारी के अंदर बंदियों की बैरक तक नशा और फोन कैसे पहुंच रहे हैं। उनकी तस्करी के तरीकों का पता लगाया जा रहा है। अभी तक इसमें बंदियों के मुलाकाती, पेशी पर जाने वाले बंदी और जेल प्रहरियों की भूमिका सामने आई है। पकडे़ आरोपियों पर केस दर्ज किए गए हैं।
ड्रोन सर्विलांस को लेकर बैठक
जेल मुख्यालय जेलों में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखने के साथ आकस्मिक पड़ताल के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने की प्लानिंग में भी है। इसे लेकर पिछले महीने भोपाल में हुई बैठक में जेल में बंदियों पर हर कोने से औचक निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने पर चर्चा हुई।
महिला बंदी बोलीं, नहीं आता डाक्टर
सोमवार को जेल निरीक्षण के दौरान एडीजीपी मीणा से महिला बंदियों ने कहा जेल में अगर बीमार हो जाएं तो इलाज नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले तक जेएएच से महिला डॉक्टर आती थीं, लेकिन अब कोई नहीं आता है।
यह भी पढ़ें : मंगल करेगा उच्च राशियों में प्रवेश, इन राशियों का लगेगा जैकपोट
Published on:
01 May 2018 05:02 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
