
जानिए ग्वालियर कलेक्टर भरत यादव के बारे में, रेलवे TT से कैसे बने IAS अफसर
ग्वालियर। मैंने ग्वालियर में ही पढ़ाई पूरी की थी, भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना भी यहीं देखा और सात साल तैयारी भी की। अब यहां सेवा का अवसर मिल रहा है, तो यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मेरा प्रयास रहेगा कि क्षेत्र के प्रति मेरी आत्मीयता मेरे काम में दिखे। पद ग्रहण करने के बाद कोशिश होगी कि पब्लिक डिलेवरी सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए और शासकीय अमले को प्रोत्साहित करके उनमें लीडरशिप विकसित की जाए। यह बात ग्वालियर के नये कलेक्टर भरत यादव ने पत्रिका से बातचीत करते हुए कही।
निवर्तमान कलेक्टर अशोक वर्मा का स्थानांतरण ग्वालियर से मंत्रालय किए जाने के साथ ही प्रदेश सरकार ने मुरैना कलेक्टर और 2008 बैच के आइएएस अधिकारी भरत यादव को जिले की कमान सौंपी है। रेलवे में बतौर ट्रेन टिकट एग्जामिनर के रूप में सरकारी सेवा में आने वाले यादव ने ग्वालियर से पहले सिवनी, बालाघाट में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी हैं। वर्तमान में मुरैना में पदस्थ हैं और 24 दिसंबर को ग्वालियर आकर पद ग्रहण करेंगे।
सवाल & जवाब
पत्रिका: आप पद कब ग्रहण कर रहे हैं?
यादव: मैं 24 दिसंबर को ज्वॉइन करूंगा।
पत्रिका: यहां आने के बाद पहली प्राथमिकता क्या रहेगी?
यादव: पहली प्राथमिकता क्या रहेगी, यह तो ज्वॉइन करने और परिस्थितियों को देखने के बाद तय करेंगे। फिलहाल सोच यह है कि प्रदेश सरकार की योजनाएं हर वर्ग तक पहुंचें।
पत्रिका: आप इस क्षेत्र में रहे हैं, कैसा अनुभव रहा है?
यादव: यहां के लोग बहुत प्रतिभाशाली हैं, उद्योग-रोजगार और कृषि की बेहतर संभावनाएं यहां हैं। मेरी कोशिश रहेगी कि प्रतिभा को प्रोत्साहन देकर मानसिकता बदलने का प्रयास किया जाए।
पत्रिका: योजनाओं के इंप्लीमेंटेशन को लेकर किस तरह की कार्य पद्धति रहेगी?
यादव: आमजन की समस्याओं का निराकरण करना प्रयास रहेगा, जहां तक योजनाओं का सवाल है तो यह प्रयास रहेगा कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में समान रूप से काम हो।
एक नजर में कलेक्टर
Published on:
22 Dec 2018 10:45 am
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