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एमपी में 1441 सड़कों की उघड़ेगी हकीकत, ट्रक में भरकर ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचाई फाइलें

gwalior municipal corporation roads हाईकोर्ट में 310 करोड़ के कामों का रिकॉर्ड पेश, 5 सालों में मंजूर हुई सड़कों में गड़बड़ी आएगी सामने, स्वतंत्र समिति को जांच
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gwalior high court to inspect municipal corporation roads

सडकों की जांच करेगी ग्वालियर हाईकोर्ट - Photo: AI-generated

gwalior एमपी के ग्वालियर हाईकोर्ट में गुरुवार को अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। यहां 1441 सड़कों की फाइलें ट्रक में भर लाई गईं। ग्वालियर हाईकोर्ट में शहर की जर्जर, उधड़ी और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों के मुद्दे पर चल रही जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह नजारा दिखाई दिया। ग्वालियर नगर निगम, शहर की बीते पांच वर्षों (1 जनवरी 2021 से 11 अगस्त 2026 तक) में खर्च किए गए 310.77 करोड़ रुपए के निर्माण और मरम्मत का रिकॉर्ड पेश करने हाईकोर्ट पहुंचा। दस्तावेज इतने अधिक थे कि नगर निगम को फाइलों का ढेर लाने के लिए मदाखलत शाखा का मिनी ट्रक लगाना पड़ा।

हाईकोर्ट में इसके अलावा आवश्यकतानुसार पीडब्ल्यूडी और एनएचएआइ की सड़कों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। नगर निगम द्वारा प्रस्तुत फाइलों को देखकर कोर्ट ने कहा कि एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी निष्पक्ष ग्राउंड टेस्ट करेगी। यह कमेटी, हाईकोर्ट द्वारा गठित की जाएगी।

ग्वालियर नगर निगम ने 5 साल में 1441 सड़कों पर 310.77 करोड़ स्वीकृत किए हैं। 750 कार्य पूर्ण कर लिए हैं, जिन पर 134.36 करोड़ रुपए खर्च हो गए। 116 कार्य प्रगति पर हैं, जिनका बजट 61.77 करोड़ है। 575 कार्य शुरू किए गए हैं, जिनका बजट 114.68 करोड़ है।

निष्पक्ष ग्राउंड टेस्ट कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी करेगी

फाइलों को देखकर हाईकोर्ट ने माना कि इतनी विशाल संख्या में फाइलों की सूक्ष्म जांच व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाते हुए फैसला सुनाया कि अब शहर की चुनिंदा प्रमुख सड़कों का रैंडम चयन किया जाएगा। इन सड़कों की कंक्रीट, तारकोल की गुणवत्ता, थिकनेस और वित्तीय खर्चों का निष्पक्ष ग्राउंड टेस्ट कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी करेगी।

हाईकोर्ट ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं कि जब एक्सपर्ट कमेटी सड़कों पर जाकर सैंपल टेङ्क्षस्टग और तकनीकी माप करेगी, तब नगर निगम का कोई भी इंजीनियर या अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहेगा। केवल निगम के अधिवक्ता गौरव मिश्रा और याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ही उपस्थित रह सकेंगे।

पहले चरण में चेतकपुरी सहित कई सड़कें

जांच में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए एसपी को पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पर चेकिंग के दौरान संबंधित सड़क का ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकेगा। पहले चरण में चेतकपुरी की सड़क सहित कई प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है।

प्रमुख बिंदु

ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में सड़कों के हाल बेहाल
5 साल में 310.77 करोड़ स्वीकृत
फिर भी 575 काम अधूरे
पॉश इलाके की मुख्य सड़क भी जांच के दायरे में
पीडब्ल्यूडी की सड़कों की भी की जाएगी जांच