9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

शहर में गम और गुस्से का उबाल, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, मोमबत्तियां जलाईं

शहर में गम और गुस्से का उबाल, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, मोमबत्तियां जलाईं

3 min read
Google source verification
gwalior people tribute to pulwama attack martyr

शहर में गम और गुस्से का उबाल, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, मोमबत्तियां जलाईं

ग्वालियर। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के जवानों के शहीद होने से शहर में गम के साथ गुस्सा उबल रहा है। नापाक हरकत के विरोध में शुक्रवार को दिनभर लोगों का आक्रोश सडक़ पर नजर आया, कहीं पाकिस्तान के झंडे जलाए तो कहीं पुतले को गोलियों से भूना गया। जवानों की शहादत से दुखी गंगादास की बड़ीशाला में साधु संतों ने शुक्रवार को भी भोजन नहीं किया, यहां भगवान को भी सिर्फ दूध का भोग लगाया। विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक संगठनों द्वारा मोमबत्ती जलाकर एवं स्कूलों में बच्चों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उच्च न्यायालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अधिवक्ताओं ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने की मांग की।

ग्वालियर बंद का आह्वान
आतंकी हमले के विरोध में 16 फरवरी को हिंदू महासभा ने ग्वालियर बंद करने का आह्वान किया है। बंद के आव्हान के बारे में प्रदेश अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। दाल बाजार, टोपी बाजार, सराफा बाजार, नया बाजार आदि के व्यापारियों ने इसके लिए सहमति जताई है। इस बंद की जानकारी आमजन को देने के लिए शुक्रवार की रात वाहनों से अनाउंस भी कराया गया। बंद के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल और अति आवश्यक व्यवस्थाओं को छूट दी गई है। वहीं ग्वालियर व्यापार मेला के दुकानदारों ने शनिवार को मेला भी दोपहर दो बजे बाद खोलने का निर्णय लिया है।















व्यर्थ नहीं जाए शहीदों का बलिदान
कश्मीर की केसर क्यारी हुई लहू-लुहान,
पुलवामा में फिर शहीद सेना के जवान।
आतंकवादी कायराना हरकतें करके,
बारूदी विस्फोटों से ले रहे हैं जान।
निंदा से मिटेगा नहीं घाव का निशान,
व्यर्थ नहीं जाए शहीदों का बलिदान।
कब तक पाप दुश्मन के धोते रहेंगे हम,
और अपने वीरों को खोते रहेंगे हम?
दुश्मनों के षडयंत्रों के व्यूह में फंसकर
कब तक इस नुकसान को ढोते रहेंगे हम?
दुश्मन को मुंह तोड़ उत्तर ही तुरत निदान,
व्यर्थ नहीं जाए शहीदों का बलिदान।
याद रखें ताकत ही सब करते सलाम,
विश्व राजनीति तो है ताकत का ही नाम।
दुश्मन देश जब बोले आतंक की भाषा,
'सबक’ उसेे सिखाओ, यही सबसे बड़ा काम।
सर्जिकल स्ट्राइक का फिर चाहिए अभियान,
व्यर्थ नहीं जाए शहीदों का बलिदान।


प्रो. अजर हाशमी

सबक सिखाया जाए
आतंकियों ने जिस दरिंदगी से हमारे जवानों को शहीद किया है, वह दुखद है। आतंकवादी और उनके आकाओं को कठोर सबक सिखाया जाए, ताकि वह हमारे देश की तरफ नजर उठाने की हिम्मत न कर सकें।
अब्दुल हमीद कादरी, शहर काजी

कैसे खाना खा लें हम
जब ताबूत में आ रहे जवानों को देखते हैं तो मन बहुत दुखी होता है। उनके परिवार बिलख रहे हैं, जिनके कारण हम अपने घरों में सुख से रह रहे हैं, उन परिवारों पर विपत्ति आई है तो हम कैसे खाना खा लें।
महंत रामसेवकदास, गंगादास की बड़ी शाला

सरकार की प्रतिक्रिया त्वरित हो
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हर व्यक्ति आहत और हर वर्ग में गुस्सा है। सरकार की प्रतिक्रिया उचित और त्वरित होना चाहिए। पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए।
विनोद भारद्वाज, अध्यक्ष उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ

शहीदों की आत्मशांति के लिए दीं आहुतियां

इस दौरान वीरेन्द्र सिंह तोमर, बृजमोहन परिहार, इस्माइल खां पठान, श्याम सिंह चौहान, आनंद शर्मा, धर्मेन्द्र शर्मा, प्रमोद पांडे आदि उपस्थित थे। युवा कांग्रेस ने महाराज बाड़े पर भी कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राजेन्द्र शर्मा, अल्ताफ कादरी, संकल्प गोस्वामी, पीयूष जोशी आदि उपस्थित थे।

मशाल जुलूस निकालते हिमस के कार्यकर्ता। -पत्रिका

अपना-अपना विरोध : गंगा दास की शाला में संतों ने नहीं खाया खाना

थीम रोड पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि देते शहर के लोग दूसरे फोटो में हिन्दू महासभा के कार्यकर्ता पाक के पुतले पर गोली चलाते हुए।

पुलवामा के शहीदों को नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, मोमबत्तियां जलाईं

कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि देती बालिका