19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रदेश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बना ग्वालियर, आंकड़े देख कर चौंक जाऐंगे आप

वायु प्रदूषण के मामले में ग्वालियर शहर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। शहर में प्रदूषण की यह स्थिति मध्यप्रदेश शासन द्वारा उच्च न्यायालय

2 min read
Google source verification
city gwalior

ग्वालियर। वायु प्रदूषण के मामले में ग्वालियर शहर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। शहर में प्रदूषण की यह स्थिति मध्यप्रदेश शासन द्वारा उच्च न्यायालय में वायु प्रदूषण को लेकर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार रायसेन जिले के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में सर्वाधिक वायु प्रदूषण है, इसके बाद दूसरा प्रदूषित शहर जबलपुर है। पन्द्रह शहरों की सूची में सबसे कम प्रदूषण नागदा में है। इस रिपोर्ट में प्रदूषण को किस तरह कम किया जाए इस पर कम ध्यान दिया गया है। यायमूर्ति संजय यादव की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के समक्ष राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत की रिपोर्ट में 24 व 25 फरवरी को की गई जांच के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं

यह भी पढ़ें: प्रदेश के एकमात्र संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों ने कि महिला शिक्षकों के साथ छेड़छाड़, गाए फिल्मी गाने, देखिए लाइव वीडियो


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। जिसमें कहा गया है कि शहर में वाहनों से जो प्रदूषण हो रहा है उस पर कार्रवाई का काम परिवहन विभाग का है। डीजल से चलने वाले वाहन सबसे ज्यादा धुआं छोड़ते हैं उन पर रोक लगाने के लिए पत्र लिखा है। बोर्ड का कहना है कि वह परिवहन विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई में अपना सहयोग करते हैं। जबकि, शासन द्वारा अपने जवाब में कहा गया है कि एेसे वाहनों को अब परमिट नहीं दिए जा रहे हैं। शहर में बैटरी से चलने वाले वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शहर में सीएनजी वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जो आंकड़े दिए गए हैं उसके अनुसार वायु प्रदूषण की स्थिति में सुधार हुआ है।

यह भी पढ़ें: युवक की आंखों में झोंकी मिर्ची फिर किया ऐसा घिनौना काम,जिसने भी सुना रह गया हैरान

निगम की है जिम्मेदारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने जवाब में कहा है कि शहर में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई के लिए नगर निगम को लिखा गया है, जबकि बोर्ड शहर के बाहर स्थापित इकाइयों के प्रदूषण पर नियंत्रण रखता है। बोर्ड ने कहा कि क्रेशरों से होने वाले वायु प्रदूषण पर भी प्रशासन को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इन्हें स्थापित करने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी जाती है। इसी प्रकार सड़क से उडऩे वाली धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की है। इसके लिए उपाय निगम को करना चाहिए।

वायु की गुणवत्ता की माप
एयर क्वालिटी इंडेक्स में 401-500 तक में स्थिति खतरनाक 301 से 400 में बहुत कमजोर, 201 से 300 तक कमजोर, 101 से 200 तक मोडरेट, 51 से 100 तक संतोषजनक तथा 0 से 50 तक की हवा की गुणवत्ता सबसे अच्छी मानी जाती है।

विश्व में सबसे प्रदूषित का दाग
एडवोकेट अवधेश सिंह भदौरिया द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में विश्व के सबसे प्रदूषित शहर में ग्वालियर का नाम आने पर जनहित याचिका प्रस्तुत की। जिसमें कहा प्रदूषण बढऩे पर भी जिम्मेदारों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है जिस पर कोर्ट ने वर्तमान रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।