
सिंधिया के गढ़ में पचौरी की सेंध, यादव का टिकट कटने से भडक़े कार्यकर्ता, कांग्रेस कार्यालय में हंगामा, तोडफ़ोड़
ग्वालियर. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में सेंध लगा दी है। वह ग्वालियर दक्षिण में अपने समर्थक को उस स्थिति में टिकट दिलाने में सफल रहे हैं, जब यहां से सिंधिया अपने समर्थक के लिए अड़े हुए थे। इधर, पचौरी समर्थक प्रवीण पाठक को कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद ग्वालियर दक्षिण में भूचाल सा आ गया। इस फैसले के विरोध में कार्यकर्ता सडक़ों पर आ गए। दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, यहां पर पाठक के पोस्टरों पर कालिख पोत दी और कई बैनर फाड़ दिए। जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा को विरोध जताने के बाद शाम को कार्यकर्ता महल गेट पर धरना देकर बैठ गए। कुछ लोगों ने बाड़े पर भी प्रदर्शन किया। यह लोग भगवान सिंह यादव को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
दिवाली की रात कांगे्रस द्वारा जारी की गई चौथी सूची में प्रवीण पाठक का नाम आने के बाद अन्य दावेदारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई। दिवाली के कारण कोई प्रतिक्रिया खुलकर सामने नहीं आई, लेकिन जैसे ही सुबह हुई विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और दावेदार रहे भगवान सिंह यादव के निवास पर कार्यकर्ताओं की भीड़ लग गई। सभी उन पर दबाव डाल रहे थे कि वे चुनाव मैदान में उतरें।
यादव बोले- नामांकन भरूंगा पर नहीं करूंगा बगावत
पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव 9 नवंबर को अपने समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने जाएंगे। पत्रिका ने जब उनसे चर्चा की तो उन्होंने कहा, वह आज जो भी हैं, पार्टी के दम पर ही हैं। उन्होंने कहा कि वह सिंधिया के समर्थक हैं और स्व. अर्जुन सिंह के कट्टर समर्थक हैं, इसलिए पार्टी से बगावत तो कभी नहीं करेंगे, न ही वह ऐसा कोई कार्य करेंगे, जिससे उनके नेता को कष्ट हो।
यादव के निवास पर पहुंचे पाठक
कांग्रेस नेता भगवान सिंह यादव के निवास पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण पाठक अपने पिता व परिवार के अन्य लोगों के साथ पहुंचे। सभी ने यादव से सहयोग मांगा।
सर्वाधिक दावेदार और विरोध भी
ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस में सर्वाधिक दावेदार थे। सर्वे में पूर्व कैबिनेट मंत्री भगवान सिंह यादव का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा था। वहीं यहां से पार्षद रहे आनंद शर्मा, अलबेल सिंह घुरैया, बलराम ढींगरा, अनिल सांखला, हरी पाल सहित अन्य पार्षद भी दावेदारों में थे। प्रवीण पाठक को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद सबसे ज्यादा विरोध यहीं हो रहा है। कांग्रेस नेता निहाल सिंह गुर्जर के साथ सैकड़ों लोगों ने गुढ़ा-गुड़ी में बैठक की, जिसमें पाठक का विरोध किया गया। यह लोग भगवान सिंह के निवास पर पहुंचे और उनसे चुनाव लडऩे की अपील की। वहीं कांग्रेस कार्यालय पर भी दर्जनों लोग विरोध करने पहुंचे। यह लोग सुरेश पचौरी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इन लागों ने यहां लगे प्रवीण पाठक के बैनर उखाड़ दिए तथा पोस्टर पर कालिख पोत दी। बाड़े पर प्रदर्शन किया तथा शाम को दो दर्जन से अधिक लोग महल के गेट पर धरना देकर बैठ गए, पांच बजे शुरू हुआ धरना डेढ़ घंटे तक चला।
पाठक दिल्ली रवाना : दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण पाठक को दिल्ली बुलाया गया है। वह सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए हैं।
अनुभवी को देते मौका
विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पार्टी ने इस फैसले से रावत, जाट, राठौर, लोधी सहित अन्य समाजों को नाराज किया है। अगर ब्राह्मण समाज से ही टिकट देना था तो पार्टी के किसी अनुभवी और कर्मठ नेता को दे देते। पार्टी में ऐसे नेताओं की कोई कमी नहीं है। किसी को भी टिकट दिया जा सकता था।
Published on:
09 Nov 2018 09:50 am
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